DRC Ebola Outbreak: डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (डीआरसी) में इबोला का प्रकोप लगातार गंभीर होता जा रहा है. देश में इबोला के पुष्टि किए गए मामलों की संख्या बढ़कर 3,200 हो गई है, जबकि इस बीमारी से अब तक 1,405 लोगों की मौत हो चुकी है. यह जानकारी देश के स्वास्थ्य अधिकारियों की ओर से रविवार देर रात जारी ताजा स्थिति रिपोर्ट में दी गई है.
पिछले 24 घंटे में 125 नए मामले और 51 मौतें
शनिवार तक के आंकड़ों पर आधारित रिपोर्ट के मुताबिक, डीआरसी में इबोला के 3,200 पुष्टि किए गए मामले सामने आए हैं. इनमें 1,405 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 571 मरीज इलाज के बाद ठीक होकर अपने घर लौट चुके हैं. फिलहाल 773 मरीज आइसोलेशन में भर्ती हैं. पिछले 24 घंटों के दौरान 125 नए मामले दर्ज किए गए हैं और 51 लोगों की मौत हुई है.
इतुरी प्रांत बना सबसे बड़ा हॉटस्पॉट
सिन्हुआ न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, इतुरी प्रांत अभी भी इस प्रकोप का सबसे बड़ा केंद्र बना हुआ है. देश में सामने आए कुल पुष्टि किए गए मामलों में से 89 प्रतिशत मामले इसी प्रांत से जुड़े हैं.
संक्रमण फैलने की बड़ी वजहें
रिपोर्ट में बताया गया है कि लोगों का लगातार एक जगह से दूसरी जगह जाना, सुरक्षा से जुड़ी समस्याएं, छोटे स्तर पर होने वाली खनन गतिविधियां और युगांडा तथा दक्षिण सूडान के साथ सीमा पार आवाजाही संक्रमण के तेजी से फैलने की प्रमुख वजहें हैं. स्वास्थ्य अधिकारियों ने कहा कि निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा, राहत और बचाव के प्रयासों को तेज किया जाएगा तथा वायरस को आगे फैलने से रोकने के लिए लगातार काम जारी रहेगा.
इलाज व्यवस्था पर बढ़ा दबाव
रिपोर्ट के मुताबिक, संक्रमण अभी भी लगातार फैल रहा है और वायरस का असर काफी गंभीर बना हुआ है. इसका असर स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी साफ दिखाई दे रहा है. नॉर्थ किवू प्रांत में आइसोलेशन वार्ड की क्षमता 141 बिस्तरों की है, लेकिन वहां 171 मरीज भर्ती हैं. यानी वहां बिस्तरों का उपयोग 121.3 प्रतिशत तक पहुंच चुका है. वहीं, पूरे देश में औसतन बिस्तरों की उपलब्धता का उपयोग 82.1 प्रतिशत दर्ज किया गया है.
पांच प्रांतों तक फैल चुका है प्रकोप
15 मई को घोषित यह इबोला प्रकोप बंडीबुग्यो वायरस की वजह से फैला है. यह संक्रमण पूर्वोत्तर के इतुरी प्रांत से शुरू हुआ था और अब पांच प्रांतों तक फैल चुका है.
प्रधानमंत्री ने दी चेतावनी
डीआरसी की प्रधानमंत्री जूडिथ सुमिनवा तुलुका ने शुक्रवार को चेतावनी दी कि यह प्रकोप देश के पूर्वी हिस्से में पहले से जारी मानवीय संकट को और गंभीर बना सकता है. शुक्रवार को इतुरी प्रांत की राजधानी और इस प्रकोप के सबसे बड़े केंद्र बुनिया में बोलते हुए उन्होंने कहा कि सरकार ने इबोला से निपटने के लिए पांच करोड़ अमेरिकी डॉलर जारी किए हैं. इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय साझेदारों की ओर से भी धन जुटाया गया है.
वैक्सीन और इलाज पर तेजी से काम
प्रधानमंत्री ने बताया कि वैज्ञानिक बंडीबुग्यो इबोलावायरस के खिलाफ इलाज और वैक्सीन विकसित करने पर काम कर रहे हैं. यही वायरस इस समय डीआरसी में फैल रहे इबोला प्रकोप के लिए जिम्मेदार है. फिलहाल बंडीबुग्यो इबोलावायरस के लिए कोई मंजूरशुदा वैक्सीन या विशेष रूप से स्वीकृत इलाज उपलब्ध नहीं है. हालांकि, कई प्रयोगात्मक वैक्सीन और दवाओं का क्लीनिकल ट्रायल जारी है.
ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय ने शुक्रवार को जानकारी दी कि बंडीबुग्यो इबोलावायरस से बचाव के लिए विकसित की गई चाडऑक्स1 बीडीबीवी वैक्सीन के दुनिया के पहले मानव परीक्षण में पहले स्वयंसेवक को टीका लगाया गया है. इसे इबोला के खिलाफ वैक्सीन विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.
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