Fire Safety Tips: दिल्ली के मालवीय नगर स्थित एक होटल में लगी भीषण आग ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया. आग की इस दर्दनाक घटना में कई लोगों की जान चली गई, जबकि कई अन्य लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए घंटों तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाना पड़ा. ऐसी घटनाएं यह याद दिलाती हैं कि आग लगने के दौरान सिर्फ कुछ सेकंड की घबराहट या एक छोटी सी गलती भी जानलेवा साबित हो सकती है.
अक्सर लोग आग से ज्यादा धुएं, गलत फैसलों और अफरा-तफरी का शिकार हो जाते हैं. ऐसे में यह जानना बेहद जरूरी है कि आग लगने पर क्या करना चाहिए और किन गलतियों से हर हाल में बचना चाहिए. यदि सही समय पर सही कदम उठाए जाएं, तो बड़ी से बड़ी दुर्घटना में भी खुद की और अपने परिवार की जान बचाई जा सकती है. आइए जानते हैं आग लगने की स्थिति में कौन-सी गलतियां भूलकर भी नहीं करनी चाहिए.
ऊपरी मंजिलों की ओर भागने की गलती न करें
आग लगने पर कई लोग घबराकर ऊपर की मंजिलों की तरफ भागने लगते हैं, लेकिन यह सबसे खतरनाक फैसलों में से एक हो सकता है. आग के दौरान निकलने वाला धुआं हमेशा ऊपर की ओर बढ़ता है. ऐसे में ऊपरी मंजिलों पर फंसने से दम घुटने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है. विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि आग लगने पर हमेशा बाहर निकलने का सुरक्षित रास्ता तलाशें और नीचे की ओर जाने का प्रयास करें. आग की दिशा से दूर रहना और जल्द से जल्द भवन से बाहर निकलना सबसे सुरक्षित विकल्प माना जाता है.
लिफ्ट का इस्तेमाल करना पड़ सकता है भारी
बहुमंजिला इमारतों में रहने वाले लोग अक्सर जल्दबाजी में लिफ्ट का इस्तेमाल करने की कोशिश करते हैं. हालांकि, आग लगने की स्थिति में यह बेहद जोखिम भरा कदम हो सकता है. आग के कारण बिजली आपूर्ति बाधित हो सकती है, जिससे लिफ्ट बीच में ही बंद हो सकती है. इसके अलावा लिफ्ट शाफ्ट में धुआं तेजी से भर सकता है, जिससे दम घुटने का खतरा बढ़ जाता है. इसलिए हमेशा सीढ़ियों का इस्तेमाल करना ही सुरक्षित माना जाता है.
खिड़कियां खोलने से आग और भड़क सकती है
कई लोग धुआं बाहर निकालने के लिए तुरंत खिड़कियां खोल देते हैं, लेकिन ऐसा करना कई बार स्थिति को और गंभीर बना सकता है. खिड़की खुलने पर बाहर से बड़ी मात्रा में ऑक्सीजन अंदर प्रवेश करती है, जिससे आग को और अधिक ईंधन मिल जाता है. ऑक्सीजन मिलने के बाद आग तेजी से फैल सकती है और उसे नियंत्रित करना मुश्किल हो सकता है. इसलिए बिना जरूरत खिड़कियां और दरवाजे खोलने से बचना चाहिए.
इलेक्ट्रॉनिक आग पर कभी न डालें पानी
यदि आग शॉर्ट सर्किट, वायरिंग या किसी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण में लगी हो तो उस पर पानी डालना बेहद खतरनाक साबित हो सकता है. पानी बिजली का अच्छा संवाहक होता है और इससे करंट लगने का गंभीर खतरा पैदा हो सकता है. ऐसी स्थिति में क्लास ई फायर एक्सटिंग्विशर या सूखी रेत का उपयोग करना अधिक सुरक्षित माना जाता है. साथ ही यदि संभव हो तो सबसे पहले बिजली की मुख्य सप्लाई बंद कर देनी चाहिए.
सामान बचाने के चक्कर में न गंवाएं जान
आग लगने के दौरान कई लोग अपने गहने, नकदी, दस्तावेज या अन्य कीमती सामान बचाने की कोशिश में समय गंवा देते हैं. लेकिन ऐसी स्थिति में सबसे पहली प्राथमिकता अपनी और परिवार की सुरक्षा होनी चाहिए. कुछ मिनटों की देरी भी जानलेवा साबित हो सकती है. इसलिए सामान छोड़कर तुरंत सुरक्षित स्थान पर पहुंचना ही समझदारी है.
किसी सामान के नीचे छिपने की कोशिश न करें
आग या धुएं से घबराकर कई लोग बिस्तर, टेबल या अन्य बड़े सामान के नीचे छिप जाते हैं. यह बेहद खतरनाक हो सकता है. आग फैलने या छत का कोई हिस्सा गिरने की स्थिति में व्यक्ति वहीं फंस सकता है. इसके अलावा, बचाव दल के लिए भी ऐसे लोगों को ढूंढना मुश्किल हो जाता है. इसलिए छिपने के बजाय सुरक्षित निकास मार्ग तलाशना जरूरी है.
ज्यादा धुआं हो तो रेंगते हुए बाहर निकलें
विशेषज्ञों के अनुसार आग से ज्यादा मौतें धुएं के कारण होती हैं. यदि कमरे में धुआं भर गया हो तो सीधे खड़े होकर भागने के बजाय जमीन के करीब रहना चाहिए. घुटनों के बल या रेंगते हुए बाहर निकलने से सांस लेने में आसानी होती है, क्योंकि जमीन के पास अपेक्षाकृत कम धुआं और अधिक ऑक्सीजन होती है. साथ ही नाक और मुंह को गीले कपड़े से ढकने से भी धुएं के प्रभाव को कुछ हद तक कम किया जा सकता है.
सतर्कता ही है सबसे बड़ा बचाव
आग की घटनाएं कभी भी और कहीं भी हो सकती हैं. ऐसे में फायर सेफ्टी नियमों की जानकारी, इमरजेंसी एग्जिट का पता होना और घबराने के बजाय समझदारी से काम लेना किसी भी बड़ी दुर्घटना में जान बचाने का सबसे प्रभावी तरीका माना जाता है.
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