Jaipur: पिता को फोन कर जल्द घर पहुंचने की बात करने के बाद ही भारतीय सेना के अग्निवीर पुष्पेंद्र (22) का शव मिला. यह विचलित कर देने वाली घटना राजस्थान के भरतपुर जिले में हुई है. सियाचिन ग्लेशियर जैसी दुर्गम जगह पर तैनात अग्निवीर पुष्पेंद्र का शव उनके घर से महज तीन किलोमीटर दूर झाड़ियों में लहूलुहान हालत में मिला. पुष्पेंद्र तीन महीने बाद छुट्टी लेकर घर लौट रहे थे और उन्होंने पहुंचने से कुछ देर पहले ही अपने पिता को फोन कर जल्द घर आने की बात कही थी.
परिजन पुष्पेंद्र के आने का कर रहे थे इंतजार
ताऊ शेर सिंह ने बताया कि पुष्पेंद्र गुरुवार को फ्लाइट से दिल्ली पहुंचे थे और वहां से बस द्वारा मथुरा आए. शाम करीब 7 बजे उन्होंने अपने पिता विजय सिंह को फोन कर बताया कि वह मथुरा पहुंच गए हैं और अगले डेढ़ घंटे में घर पहुंच जाएंगे. घर में खुशी का माहौल था और परिजन उनके आने का इंतजार कर रहे थे. जब रात 10 बजे तक पुष्पेंद्र घर नहीं पहुंचे और उनका मोबाइल भी स्विच ऑफ आने लगा तो परिजनों की चिंता बढ़ गई.
मौके पर फैला हुआ था काफी खून
भाई रूपेंद्र और पिता ग्रामीणों के साथ उन्हें ढूंढने निकले. रात करीब 12 बजे पीपला गांव के पास सड़क किनारे झाड़ियों में पुष्पेंद्र का शव मिला. मौके पर काफी खून फैला हुआ था, जिससे आशंका जताई जा रही है कि किसी अज्ञात वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी और वे झाड़ियों में जा गिरे. पुष्पेंद्र तीन साल पहले ही सेना में अग्निवीर के रूप में भर्ती हुए थे. वर्तमान में उनकी पोस्टिंग दुनिया के सबसे ऊंचे युद्ध क्षेत्र सियाचिन में थी.
एक बड़ा भाई और एक 18 साल की छोटी बहन
पुष्पेंद्र के पिता किसान हैं. उनका एक बड़ा भाई और एक 18 साल की छोटी बहन है. पुष्पेंद्र अभी अविवाहित थे. घटना की सूचना मिलने पर चिकसाना थाना पुलिस और पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश की पुलिस भी भरतपुर के आरबीएम अस्पताल पहुंची. शव को मॉर्च्युरी में रखा गया है. पुलिस हिट एंड रन के एंगल से मामले की जांच कर रही है. उस अज्ञात वाहन की तलाश की जा रही है जिसने पुष्पेंद्र को टक्कर मारी.
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