Sunetra Pawar Deputy CM: महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार की मौत के चौथे दिन उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार ने महाराष्ट्र की पहली महिला उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ले ली. मुंबई स्थित लोकभवन में राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई. यह शपथग्रहण कार्यक्रम करीब 12 मिनट तक चला. इस दौरान महाराष्ट्र विधान परिषद की उपसभापति डॉ. नीलम गोर्हे सुनेत्रा पवार को शपथ स्थल तक लेकर पहुंचीं.
शपथग्रहण से एक दिन पहले राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के विधायक दल और विधान परिषद सदस्यों की बैठक विधान भवन में हुई थी, जिसमें सर्वसम्मति से सुनेत्रा पवार को विधायक दल का नेता चुना गया. उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेने से पहले सुनेत्रा पवार ने अपनी राज्यसभा सदस्यता से इस्तीफा दे दिया.
बता दें कि 28 जनवरी को महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार की बारामती में प्लेन हादसे में मौत हो गई थी.
4 रैलियों को संबोधित करने जा रहे थे अजित पवार
दादा अजित पवार 5 फरवरी को पुणे में होने वाले जिला परिषद चुनावों के प्रचार के लिए रवाना होने वाले थे. इस दौरान उन्हें चार जनसभाओं को संबोधित करना था, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था. उनके आकस्मिक निधन के बाद महाराष्ट्र सरकार ने पूरे राज्य में तीन दिन का राजकीय शोक घोषित किया है. इस अवधि में राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा और किसी भी प्रकार के सरकारी मनोरंजन कार्यक्रम आयोजित नहीं किए जाएंगे.
शरद पवार को भी न्योता
सुनेत्रा पवार के पुत्र पार्थ पवार ने शपथग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए शरद पवार को आमंत्रित किया था. इसके लिए वे बारामती स्थित शरद पवार के निवास पर पहुंचे और उनसे समारोह में उपस्थित रहने का आग्रह किया. इस दौरान पार्थ पवार की सुप्रिया सुले से भी बातचीत हुई.
क्या होगा NCP का विलय?
अजित पवार कुछ दिनों के अंदर NCP का विलय करने वाले थे. उन्होंने इसके लिए एक रोडमैप तैयार किया था. उनके करीबी किरण गुजर ने एक समाचार एजेंसी से बात करते हुए बताया था कि 5 दिन पहले यह प्रक्रिया पूरी हो गई थी. कुछ दिनों में विलय होने वाला था, लेकिन अचानक से ये दुर्घटना हो गई.
वहीं, एनसीपी के वरिष्ठ नेता जयंत पाटिल ने भी इस बात की पुष्टि की. उन्होंने बताया कि पार्टी के विलय को लेकर अजित पवार और उनके बीच कई दौर की बातचीत हो चुकी थी और अजित पवार इस प्रस्ताव को लेकर सकारात्मक रुख में थे. योजना के अनुसार जिला परिषद चुनावों के बाद इस पर अंतिम निर्णय लिया जाना था.
गौरतलब है कि महाराष्ट्र सरकार में अजित पवार के पास उपमुख्यमंत्री पद के साथ-साथ आबकारी, वित्त और खेल विभागों की जिम्मेदारी भी थी.