Union Budget 2026-27: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को बजट भाषण में कहा कि देश के सर्विसेज सेक्टर को मजबूत करने के लिए एक उच्च स्तरीय एजुकेशन-टू-एम्प्लॉयमेंट एंटरप्राइजेज स्टैंडिंग कमेटी का गठन किया जाएगा. यह कमेटी विकास, रोजगार सृजन और निर्यात की उच्च क्षमता वाले क्षेत्रों की पहचान पर फोकस करेगी, ताकि भारत को सर्विसेज क्षेत्र में वैश्विक लीडर बनाया जा सके.
युवाओं और रोजगार पर सरकार का फोकस
बजट भाषण के दौरान वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार ने युवा भारत की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए सर्विसेज सेक्टर पर नए सिरे से जोर देने का फैसला किया है. इसके लिए कई ठोस उपाय किए जाएंगे. उन्होंने कहा कि एजुकेशन-टू-एम्प्लॉयमेंट स्टैंडिंग कमेटी विकसित भारत के प्रमुख चालक के रूप में सर्विसेज सेक्टर से जुड़े कदमों की सिफारिश करेगी.
AI और नई तकनीकों के असर का होगा आकलन
कमेटी विकास, रोजगार और निर्यात की संभावनाओं को अधिकतम करने के लिए प्रमुख क्षेत्रों को प्राथमिकता देगी. साथ ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सहित उभरती तकनीकों का रोजगार और स्किल आवश्यकताओं पर पड़ने वाले प्रभाव का आकलन किया जाएगा और इसके आधार पर जरूरी उपाय सुझाए जाएंगे.
इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी बड़ा दांव
सर्विसेज सेक्टर के साथ-साथ सरकार का फोकस इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी बना हुआ है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए पूंजीगत खर्च बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये करने का ऐलान किया है. इसका उद्देश्य बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के जरिए देश की विकास दर और रोजगार सृजन को बढ़ावा देना है.
इंफ्रास्ट्रक्चर रिस्क डेवलपमेंट फंड की घोषणा
बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि बड़ी परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर रिस्क डेवलपमेंट फंड की स्थापना की जाएगी. उन्होंने बताया कि आर्थिक विकास को रफ्तार देने के लिए राजमार्गों, बंदरगाहों, रेलवे और बिजली परियोजनाओं समेत इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत प्रोत्साहन दिया जाएगा.
इसके साथ ही 7 रणनीतिक क्षेत्रों में मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने, और लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME) को तेजी से सशक्त बनाने का भी प्रस्ताव रखा गया है.
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