झारखंड के गुमला जिले के बिशुनपुर में राज्य स्तरीय किसान मेला बड़े उत्साह और भव्यता के साथ आयोजित किया गया. कृषि विज्ञान केन्द्र गुमला और विकास भारती बिशुनपुर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस मेले का उद्देश्य किसानों की आय में वृद्धि, तिलहनी फसलों को बढ़ावा देना तथा उन्नत कृषि तकनीकों का व्यापक प्रसार करना रहा.
इस कार्यक्रम का उद्घाटन भारत सरकार के रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने मुख्य अतिथि के रूप में किया, जबकि कार्यक्रम की शुरुआत पद्मश्री अशोक भगत द्वारा दीप प्रज्वलन कर की गई.
किसानों की आय बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता
उद्घाटन के अवसर पर संजय सेठ ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र सरकार किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है.उन्होंने कहा कि आज के समय में खेती को लाभकारी बनाने के लिए आधुनिक तकनीकों का उपयोग बेहद आवश्यक है. किसानों को नई कृषि तकनीकों को अपनाने के साथ-साथ सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ उठाना चाहिए, जिससे उनकी आय में स्थायी वृद्धि हो सके.
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएं चला रही है, जिनका लाभ सीधे किसानों तक पहुंचाया जा रहा है.
परंपरा और तकनीक का मेल जरूरी
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ हुई, जिसे अशोक भगत ने संपन्न किया. इस अवसर पर उन्होंने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि खेती को सफल और लाभकारी बनाने के लिए पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक तकनीकों का समन्वय आवश्यक है. उन्होंने कहा कि यदि किसान अपने स्थानीय संसाधनों का सही उपयोग करें और वैज्ञानिक तरीकों को अपनाएं, तो वे अपनी आय को कई गुना तक बढ़ा सकते हैं.
अशोक भगत ने आत्मनिर्भर कृषि, प्राकृतिक खेती और ग्रामीण विकास को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया और किसानों से नई सोच के साथ आगे बढ़ने की अपील की.
तीन हजार से अधिक किसानों की भागीदारी, दिखा उत्साह
इस राज्य स्तरीय किसान मेले में लगभग 3000 किसान भाई-बहनों ने भाग लिया. बड़ी संख्या में किसानों की मौजूदगी ने यह स्पष्ट कर दिया कि अब किसान नई तकनीकों को सीखने और अपनाने के प्रति जागरूक हो रहे हैं. किसानों ने इस मेले में उन्नत बीज, आधुनिक कृषि उपकरण, नई खेती पद्धतियों तथा उत्पादन बढ़ाने के उपायों की जानकारी प्राप्त की.
प्रदर्शनी और विशेषज्ञों से संवाद बना मुख्य आकर्षण
मेले में विकास भारती और किसानों के विभिन्न प्रकल्पों की जीवंत प्रदर्शनी लगाई गई, जो आकर्षण का केंद्र रही. इसके साथ ही वैज्ञानिकों, कृषि विशेषज्ञों और प्रसार कर्मियों ने किसानों के साथ सीधे संवाद कर उन्हें नई तकनीकों, फसल उत्पादन बढ़ाने के उपायों और बाजार से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी. यह मंच किसानों और विशेषज्ञों के बीच ज्ञान के आदान-प्रदान का एक महत्वपूर्ण माध्यम बना.
इनकी रही उपस्थिति
इस अवसर पर बिरसा कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एस.सी. दुबे, किरण बाड़ा, पूनम सिंह, महेश सिंह, शकुंतला उरांव सहित कई जनप्रतिनिधि, वैज्ञानिक, सामाजिक कार्यकर्ता, शुभचिंतक और मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित रहे.
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