भारत एवं कनाडा साथ मिलकर कार्य करें तो विश्व में शांति व सद्भावना संभव: आचार्य लोकेश मुनिजी

Shivam
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
New Delhi/Canada: कांसुलेट जनरल मासाकुई रुंगसंग ने जैन सेंटर ऑफ ब्रिटिश कोलंबिया द्वारा आयोजित 9वें प्रतिष्ठा वर्षगांठ समारोह में भाग लिया। यह समारोह प्रसिद्ध जैन आध्यात्मिक गुरु और विश्व शांतिदूत आचार्य लोकेश मुनिजी, ब्रिटिश कोलंबिया विधान सभा के अध्यक्ष माननीय राज चौहान और भारतीय प्रवासी सदस्यों एवं श्रद्धालुओं की एक विशाल सभा की उपस्थिति में कनाडा के जैन सेंटर ऑफ़ ब्रिटिश कोलंबिया, सरे में आयोजित किया गया।
अहिंसा विश्व भारती एवं विश्व शांति केंद्र के संस्थापक आचार्य लोकेशजी ने कहा कहा कि जैन धर्म भगवान ऋषभ और भगवान महावीर सहित सभी तीर्थंकरों की शिक्षाओं पर आधारित एक अति प्राचीन एवं वैज्ञानिक धर्म है जो मौजूदा समय में बहुत अधिक प्रासंगिक है। जैन धर्म के अहिंसा, अनेकांत आदि सिद्धांतों के माध्यम से अनेक वैश्विक समस्याओं का समाधान भी संभव है।
वर्तमान में विश्व परिदृश्य में जिस तरह युद्ध, हिंसा और संघर्ष का वातावरण बना हुआ है उसमे शांति, सौहार्द, सद्भाव और समन्वय का रास्ता भगवान महावीर के बताए हुए मार्ग से मिल सकता है। उन्होंने कहा कि भारत और कनाडा दोनों देश साथ मिलकर प्राचीन भारतीय संस्कृति एवं शिक्षाओं के माध्यम से समाज और मानवता कल्याण के कार्यों को करने हेतु प्रतिबद्ध है, जिससे पुरे विश्व में नयी ऊर्जा के साथ शांति व सद्भावना स्थापित की जा सकती हैl
इस अवसर पर, कांसुलेट जनरल मासाकुई रुंगसंग ने भारत के प्राचीन ज्ञान और शाश्वत बुद्धिमत्ता के बारे में बात की और भारतीय समुदाय को इन मूल्यों और परंपराओं को संरक्षित करने, साझा करने और बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहित किया, जो इसकी सांस्कृतिक विरासत का मूल आधार हैं। उन्होंने सभी से इस सामूहिक प्रयास में सक्रिय रूप से योगदान देने का आग्रह किया।
इस अवसर पर जैन सेंटर ऑफ ब्रिटिश कोलंबिया के अध्यक्ष श्री विजय जैन ने आचार्य लोकेश जी के जीवन पर आधारित अहिंसा विश्व भारती संस्थान द्वारा प्रकाशित ‘Ambassador of Peace’ नामक कॉफी टेबल बुक कांसुलेट जनरल को भेंट कीl
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