ITR Filing Update: केंद्र सरकार ने शुक्रवार को आयकर नियम, 2026 को अधिसूचित कर दिया है. इसके साथ ही नए आयकर अधिनियम 2025 को लागू करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है, जो 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होगा. नए नियमों में पारदर्शिता, सख्त डिस्क्लोजर और बेहतर अनुपालन पर विशेष जोर दिया गया है.
नए नियमों का क्या है उद्देश्य
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) द्वारा जारी इन नियमों का मकसद टैक्स सिस्टम को सरल बनाना और रिपोर्टिंग को अधिक पारदर्शी बनाना है. खासतौर पर कैपिटल गेन, स्टॉक मार्केट लेनदेन और एनआरआई टैक्स से जुड़े नियमों को और सख्त किया गया है.
HRA में बड़ा बदलाव
नए नियमों की सबसे बड़ी खासियत हाउस रेंट अलाउंस (HRA) में बदलाव है. अब बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे और अहमदाबाद जैसे शहरों में रहने वाले लोग भी सैलरी के 50 प्रतिशत तक HRA क्लेम कर सकेंगे. पहले यह सुविधा केवल दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और कोलकाता जैसे मेट्रो शहरों तक सीमित थी.
हालांकि, अन्य शहरों के लिए HRA की सीमा 40 प्रतिशत ही बनी रहेगी. इसके साथ ही अब करदाताओं को मकान मालिक के साथ अपने संबंधों का खुलासा भी करना होगा.
स्टॉक मार्केट के लिए सख्त नियम
नए नियमों में डेरिवेटिव ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के लिए भी सख्त शर्तें तय की गई हैं. स्टॉक एक्सचेंजों को सेबी से मंजूरी लेना अनिवार्य होगा और सभी लेनदेन का विस्तृत रिकॉर्ड रखना होगा.
एक्सचेंजों को ग्राहक स्तर का डेटा जैसे PAN और यूनिक आईडी सुरक्षित रखना होगा और सात साल तक ऑडिट ट्रेल बनाए रखना होगा. साथ ही उन्हें हर महीने आयकर विभाग को रिपोर्ट देनी होगी.
कैपिटल गेन नियम स्पष्ट
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी संपत्ति को अल्पकालिक या दीर्घकालिक कैसे माना जाएगा. इसके लिए होल्डिंग अवधि की गणना के नियम तय किए गए हैं. कुछ विशेष मामलों जैसे आय घोषणा योजना 2016 के तहत घोषित संपत्तियों के लिए अलग नियम लागू होंगे.
नया टैक्स नहीं, लेकिन सख्ती बढ़ी
सरकार ने साफ किया है कि इन नियमों के तहत कोई नया टैक्स नहीं लगाया गया है. बल्कि, डिजिटल ट्रैकिंग और डिस्क्लोजर के जरिए निगरानी और पारदर्शिता बढ़ाने पर जोर दिया गया है.
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