असम में नदी के नीचे बनेगा देश का पहला अंडरवाटर टनल, दौड़ेगी ट्रेन और गाड़ियां, मिनटों में सिमट जाएगा सफर

New Delhi: असम की उफनती ब्रह्मपुत्र नदी के गर्भ में देश का पहला 4-लेन रोड-कम-रेल ट्विन टनल बनाया जाएगा. नदी के नीचे से निकलने वाली इस सुरंग को बनाने के लिए नेशनल हाईवेज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (NHIDCL) ने ₹11,982.36 करोड़ का टेंडर जारी कर दिया है. यह टेंडर 30 सितंबर 2026 तक खुला रहेगा. इंजीनियरिंग का यह नायाब अजूबा पूर्वोत्तर की तस्वीर और तकदीर दोनों बदल देगा.

करीब 240 किलोमीटर का लंबा चक्कर

अभी असम के गोहपुर (NH-15) से नुमालीगढ़ (NH-715) तक पहुंचने के लिए सड़क मार्ग से करीब 240 किलोमीटर का लंबा चक्कर लगाना पड़ता है. इस सफर को पूरा करने में 6 घंटे लगते हैं. लेकिन नए 33.7 किलोमीटर लंबे गोहपुर-नुमालीगढ़ कॉरिडोर के बनते ही ट्रैवल टाइम कुछ मिनटों का ही रह जाएगा. यह मेगा टनल केवल असम ही नहीं, बल्कि रणनीतिक रूप से संवेदनशील सीमावर्ती राज्यों अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड के लिए भी एक गेमचेंजर साबित होगी.

मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट को मिलेगी ताकत 

कनेक्टिविटी को मजबूत बनाने के लिए गोहपुर की तरफ इसे रंगिया-मुकोंगसेलेक रेलवे लाइन और नुमालीगढ़ की ओर फुर्काटिंग-मरियानी लूप लाइन से सीधा जाएगा. सड़क, रेल, दो हवाई अड्डों और दो अंतर्देशीय जलमार्ग टर्मिनलों के एक साथ जुड़ने से मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट को ताकत मिलेगी. इससे सेना के मूवमेंट से लेकर भारी लॉजिस्टिक्स की आवाजाही सुगम हो जाएगी.

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