Aditya L-1: आज अपने अंतिम गंतव्य तक पहुँच जाएगा आदित्य एल-1, भारत फिर रचेगा इतिहास

Shivam
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Aditya L-1: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संघठन (इसरो ) का पहला मेडन मिशन आदित्य – एल 1 अपने गंतव्य तक पहुँचने के लिए अपने अंतिम प्रयास के लिए तैयार है और आज शाम लगभग 4 बजे इसे पानी अंतिम कक्षा में स्थापित किया जाएगा. इसरो के प्रमुख एस सोमनाथ ने सोमवार को यह खबर दी थी आदित्य- एल 1 ,6 जनवरी को शाम चार बजे अपने अंतिम गंतव्य यानि एल 1 पर पहुँचने वाला है और हम इसे वहाँ बनाए रखने के लिए अंतिम युद्धाभ्यास करने जा रहे है. अपने अंतिम गंतव्य पर पहुंचने पर, अंतरिक्ष यान बिना किसी ग्रहण के सूर्य को देख सकेगा. पिछले साल 2 सितंबर को लॉन्च हुआ आदित्य एल 1 मिशन सफलतापूर्वक चार पृथ्वी संबंधी युद्धाभ्यास और एक ट्रांस लेंगरेजियन पवाइंट 1 इंसर्शन (टीएलआई) युद्धाभ्यास से गुज़र चुका है.

मिशन का लक्ष्य
मिशन का उद्देश्य सूर्य के कोरोना का निरीक्षण करना और पहले सूर्य-पृथ्वी लैग्रेंजियन बिंदु (एल 1) के चारों ओर एक प्रभामंडल कक्षा से इसकी अत्यधिक गर्मी को समझना है, जो पृथ्वी से लगभग 1.5 मिलियन किमी दूर स्थित है. लैग्रेंज प्वाइंट एक अनोखा क्षेत्र है जहां पृथ्वी और सूर्य के बीच गुरुत्वाकर्षण बल संतुलन तक पहुंचते हैं. जबकि चंद्रमा, मंगल और शुक्र जैसे अन्य सेलेस्टियल बॉडी के प्रभाव के कारण पूर्ण तटस्थता प्राप्त नहीं की जा सकती है, L1 बिंदु अवलोकन उद्देश्यों के लिए एक स्थिर स्थिति प्रदान करता है.

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