ODOP Scheme UP: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में शुरू की गई ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ (ओडीओपी) योजना प्रदेश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव लाने वाली पहल के रूप में उभरी है. वर्ष 2018 में शुरू हुई इस योजना ने पारंपरिक कारीगरों और स्थानीय उत्पादों को नई पहचान देने के साथ-साथ उन्हें बाजार से जोड़ने, प्रशिक्षण देने और वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभाई है. सरकार के अनुसार अब तक 1,31,000 से अधिक कारीगरों को नि:शुल्क प्रशिक्षण और टूल किट प्रदान की जा चुकी है.
बीमा सुरक्षा और सरकारी सहयोग
योजना के अंतर्गत कारीगरों को मुख्यमंत्री दुर्घटना बीमा योजना के तहत पांच लाख रुपये तक की सुरक्षा भी दी जा रही है. प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, खादी एवं ग्रामोद्योग, रेशम उद्योग, हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग मंत्री राकेश सचान ने बजट सत्र 2026-27 में प्रश्नों का उत्तर देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में शुरू हुई इस योजना ने प्रदेश के पारंपरिक कारीगरों और उत्पादकों को नई पहचान दी है.
प्रशिक्षण, टूल किट और वित्तीय सहायता
यह योजना परंपरागत उत्पादों को प्रोत्साहन देने, कारीगरों को प्रशिक्षण, टूल किट और वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर प्रभावी रूप से संचालित हो रही है. उन्होंने बताया कि सहारनपुर जनपद में 2,275 कारीगरों को उन्नत टूल किट उपलब्ध कराई गई, जबकि 454 हस्तशिल्पियों को 16.26 करोड़ रुपये की मार्जिन मनी वितरित की गई. उन्होंने बताया कि आर्थिक दृष्टि से भी ओडीओपी योजना ने उल्लेखनीय प्रभाव डाला है.
निर्यात और रोजगार में बड़ा उछाल
वर्ष 2017-18 में प्रदेश का निर्यात 86 हजार करोड़ रुपये था, जो बढ़कर 1.84 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है. इसमें लगभग 50% योगदान ओडीओपी और हस्तशिल्प उत्पादों का बताया गया है. वर्ष 2018 से अब तक इस योजना के जरिए करीब 3,16,000 लोगों को रोजगार मिला है. वित्तीय स्तर पर भी सरकार की प्रतिबद्धता स्पष्ट दिखाई देती है. पिछले बजट में 145 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया था, जिसमें से 135 करोड़ रुपये की मार्जिन मनी वितरित की जा चुकी है. चालू वित्तीय वर्ष में इसे बढ़ाकर 200 करोड़ रुपये कर दिया गया है.
जीआई टैग से वैश्विक पहचान मजबूत
इसके अलावा प्रदेश के 79 उत्पादों को जीआई टैग मिलने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में उनकी पहचान और ब्रांड वैल्यू को मजबूती मिली है. सरकार के अनुसार ओडीओपी केवल एक आर्थिक योजना नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक पुनर्जागरण का व्यापक अभियान भी है. आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से कारीगरों को स्वास्थ्य सुरक्षा और शिक्षा सुविधाओं से भी जोड़ा गया है. इसके साथ ही ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन व्यंजन’ जैसी नई पहल स्थानीय पहचान को और व्यापक मंच देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही हैं.

