संकट और तंगी में भी नहीं मानेंगे हार! ‘सुभाषितम्’ के जरिए PM मोदी ने युवाओं को दिया सफलता का मंत्र

Shivam
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज देश की युवाशक्ति को प्रेरित करने के लिए भारतीय संस्कृति के प्राचीन ज्ञान का सहारा लिया. अपने आधिकारिक सामाजिक माध्यम पर एक संस्कृत ‘सुभाषितम्’ श्लोक साझा करते हुए उन्होंने युवाओं के दृढ़ संकल्प और संकट के समय उनके धैर्य की सराहना की. प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की विकास यात्रा जिस तेजी से आगे बढ़ रही है, उसकी असली ताकत देश के युवाओं की इच्छाशक्ति में छिपी है.

क्या है वो श्लोक और उसका अर्थ

प्रधानमंत्री द्वारा साझा किया गया श्लोक जीवन के कठिन समय में मार्गदर्शन देने वाला माना जाता है:

व्यसने वाऽर्थकृच्छ्रे वा भये वा जीवनान्तके.
विमृशन् वै स्वया बुद्ध्या धृतिमान् नावसीदति॥

भावार्थ: चाहे कोई व्यक्ति घोर विपत्ति (व्यसन) में हो, गंभीर आर्थिक संकट (अर्थकृच्छ्रे) से जूझ रहा हो, भयभीत हो या फिर जीवन के अंतिम क्षणों में ही क्यों न हो—यदि वह अपनी बुद्धि से विचार कर धैर्य बनाए रखता है, तो वह कभी भी हताश या पराजित नहीं होता.

वीडियो के जरिए शांति और विवेक का संदेश

इस संदेश के साथ एक 62 सेकंड का विशेष वीडियो भी साझा किया गया है, जिसमें प्रतीकात्मक दृश्यों के माध्यम से गहरा संदेश दिया गया है. वीडियो में कमल के फूलों की कोमलता, प्राचीन मंदिरों की भव्यता और तूफानी दृश्यों का संयोजन दिखाया गया है. यह दर्शाया गया है कि जिस तरह कमल कीचड़ में भी खिलता है और मंदिर समय की हर परीक्षा में अडिग रहते हैं, उसी तरह युवाओं को भी जीवन की कठिन परिस्थितियों में अपने मन को शांत और स्थिर रखना चाहिए. वीडियो में हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में श्लोक की व्याख्या दी गई है.

‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प से जुड़ा संदेश

पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि युवा जो ठान लेते हैं, उसे पूरा करके ही दम लेते हैं. उन्होंने इस संदेश के माध्यम से युवाओं को प्रोत्साहित किया कि उनका बौद्धिक धैर्य और अटूट संकल्प ही भारत को 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनाने की नींव रखेगा. यह संदेश न केवल प्राचीन ज्ञान को आधुनिक भारत से जोड़ता है, बल्कि युवाओं को विपरीत परिस्थितियों में ‘हताश न होने’ की नई ऊर्जा भी प्रदान करता है.

यह भी पढ़े: कच्चे तेल की कीमतों में उछाल; होर्मुज संकट से बढ़ी चिंता, ब्रेंट 97 डॉलर के पार

Latest News

Krishna Janmashtami 2026: जन्माष्टमी पर कर लें ये उपाय, सोने की तरह चमक जाएगी किस्मत

Krishna Janmashtami 2026: हिंदू धर्म में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पर्व का विशेष महत्व है. जन्माष्टमी के दिन भगावन श्री...

More Articles Like This

Exit mobile version