PNB Soldierthon 2026: अगर देश को आगे बढ़ाना है और सबको साथ लेकर चलना है, तो फिटनेस बहुत जरूरी है. लेकिन फिटनेस के साथ देशभक्ति की भावना और भी अहम है. यह बात जनरल वीके सिंह ने कही. मौका था दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित ‘पीएनबी सोल्जरथॉन 2026’ का, जहां हजारों कदम एक साथ भारतीय सैनिकों के सम्मान में दौड़ पड़े.
पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के 132वें स्थापना दिवस समारोह की शुरुआत इस भव्य मैराथन के साथ हुई. ‘सैनिकों के साथ दौड़ें, सैनिकों के लिए दौड़ें’ की थीम पर आयोजित इस हाफ मैराथन का उद्देश्य केवल शारीरिक फिटनेस को बढ़ावा देना नहीं था, बल्कि भारतीय सशस्त्र बलों के अदम्य साहस और बलिदान का सम्मान करना भी था.
क्या बोले जनरल वीके सिंह?
इस अवसर पर उपस्थित जनरल वीके सिंह ने प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री जी ने जिस फिट इंडिया मूवमेंट की शुरुआत की थी, सोल्जरथॉन उसी भावना को आगे बढ़ा रहा है. लोगों में यह जागरूकता आनी चाहिए कि हमें फिट रहना है और अपने शरीर की देखभाल करनी है.
उन्होंने PNB और आयोजकों की सराहना करते हुए कहा कि किसी बैंक का खेलकूद और फिटनेस कार्यक्रमों में इस तरह बढ़-चढ़कर हिस्सा लेना पूरे देश के लिए एक सकारात्मक संदेश है. उन्होंने युवा पीढ़ी की भागीदारी पर खुशी जताते हुए मजाकिया अंदाज में मीडिया से भी कहा कि अगली बार हम चाहेंगे कि आप भी अपना माइक लेकर दौड़ते दिखाई दें.
भारत एक्सप्रेस के CMD हुए शामिल
भारत एक्सप्रेस के सीएमडी उपेंद्र राय भी मंच पर मौजूद रहे और उन्होंने युवाओं को फिटनेस के साथ-साथ राष्ट्रभक्ति का संदेश दिया. इस कार्यक्रम के जरिए शहीद परिवारों को भी यह विश्वास दिलाया गया कि कृतज्ञ राष्ट्र हमेशा उनके साथ है.
देशभक्ति और फिटनेस का अनूठा संगम
इस दौड़ में युवाओं, महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया. यह केवल एक प्रतियोगिता नहीं थी; यह सरहदों पर तैनात जवानों को यह अहसास दिलाने का एक प्रयास था कि पूरा देश उनके साथ खड़ा है. हाथों में तिरंगा लिए दौड़ते लोग इस बात का प्रतीक थे कि भारतीय सैनिकों का बलिदान और उनका समर्पण देश के हर नागरिक के दिल में बसता है.
पीएनबी सोल्जरथॉन 2026 ने साबित कर दिया कि जब फिटनेस का जुनून देशभक्ति के जज्बे से मिलता है, तो एक नई ऊर्जा का संचार होता है. यह आयोजन सिर्फ एक दिन की दौड़ नहीं है, बल्कि यह याद दिलाने का एक सशक्त माध्यम है कि सरहदों की सुरक्षा करने वाले जवानों के प्रति हमारी जिम्मेदारी और सम्मान हर पल, हर दिन कायम रहना चाहिए.