Ram Mandir Donation Case: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले को लेकर देशभर में आक्रोश है. 31 जुलाई को इस मामले को लेकर विपक्षी दलों ने संसद परिसर और लोकसभा में अनोखा प्रदर्शन किया. दरअसल, लोकसभा सांसद पप्पू यादव भगवा वस्त्र पहनकर संसद पहुंचे और सरकार के ख़िलाफ़ प्रदर्शन किया. अब उनके भगवा वस्त्र पहनने पर संत समाज ने नाराजगी जताई है और राष्ट्रपति से एक बड़ी मांग की है.
संतों ने जताई नाराजगी
दरअसल, पप्पू यादव संसद में भगवा वस्त्र पहनकर पहुंचे थे. इसके साथ ही उन्होंने अपने साथ दान पेटी ली हुई थी और सरकार के ख़िलाफ़ प्रदर्शन किया. इस प्रदर्शन को लेकर अखिल भारतीय संत समिति में आक्रोश है. संतों ने पप्पू यादव से माफी मांगने की मांग की है और इसे सनातन धर्म का अपमान बताया है.
महामंत्री जितेंद्रानंद सरस्वती ने जारी किया बयान Ram Mandir Donation Case
महामंत्री जितेंद्रानंद सरस्वती ने नाराजगी जताते हुए कहा कि अयोध्या में स्थित प्रभु राम मंदिर में जो कुछ भी हुआ इस पर अयोध्या के साधु संतों ने पहले ही जवाब दे दिया है और सर्वोच्च न्यायालय व SIT के दिशा निर्देश पर आने वाले समय में दोषियों को सजा दी जाएगी. लेकिन इस मामले को लेकर इस प्रकार से सनातन धर्म और साधु संतों का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. इस मामले में पप्पू यादव बिना शर्त माफी मांगे.
राष्ट्रपति से की ये मांग
उन्होंने कहा कि पप्पू यादव को इस मामले में माफी मांगनी होगी. अगर वो माफी नहीं मांगते हैं, तो हमारी राष्ट्रपति और लोकसभा स्पीकर से मांग है कि उन्हें बर्खास्त किया जाए. इस मामले को लेकर संत समाज का कहना है कि कांग्रेस पार्टी, समाजवादी पार्टी और पप्पू यादव ने आज जिस प्रकार से संसद परिसर में विरोध किया है, वह सनातन धर्म का अपमान है.