Jammu-Kashmir Floods: शुक्रवार की देर रात जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ और शोपियां में बादल फटने की घटना हुई. इससे आफत मच गई. पानी के तेज बहाव में कई गाड़ियां बह गई. लोगों की संपत्तियों को नुकसान पहुंचा हैं.
जानकारी के अनुसार, किश्तवाड़ जिले के चत्रू इलाके में शुक्रवार देर रात करीब 2 बजकर 30 मिनट पर बादल फटने की घटना हुई. पानी का बहाव इतना तेज था कि इसमें गाड़ियां तक बह गईं. लोगों की संपत्ति को भी नुकसान पहुंचा हैं. हालांकि, नुकसान का सही अंदाजा अभी लगाया जा रहा है.
लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए का ऑपरेशन चलाया
शोपियां जिले के पेहलीपोरा इलाके में बादल फटने के बाद शनिवार को स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स तेजी से बचाव और लोगों को सुरक्षित निकालने का ऑपरेशन चलाया. तेज बारिश की वजह से पानी और कीचड़ का तेज बहाव हुआ, जिससे इलाके के पांच घरों और एक स्कूल की बिल्डिंग में पानी भर गया. एसडीआरएफ की टीमें स्थानीय पुलिस के साथ तुरंत मौके पर पहुंचीं और प्रभावित इलाके से लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला.
इस आपदा में किसी के घायल होने या जान जाने की खबर सामने नहीं आई. इस घटना के बाद चत्रू-किश्तवाड़ नेशनल हाईवे पर गाड़ियों की आवाजाही रोक दी गई है. अधिकारी लगातार बारिश के बीच संवेदनशील इलाकों में स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं.
प्रभावित रही अमरनाथ
जम्मू संभाग के विभिन्न जिलों में मानसून की बारिश का क्रम जारी है. बारिश की वजह से शुक्रवार को बालटाल मार्ग से श्रीअमरनाथ यात्रा स्थगित रखी गई. पारंपरिक पहलगाम रूट से पहले ही यात्रा स्थगित चल रही है. कई संवेदनशील हिस्सों में निरंतर भूस्खलन से राजमार्ग पर वाहनों का आवागमन प्रभावित रहा है.
पिछले 12 दिन बाद वैष्णो देवी के बैटरी कार मार्ग पर यात्रा को बहाल कर दिया गया है. त्रिकुटा पर्वत पर बादल छाए रहने और दोपहर बाद हुई बारिश से कटड़ा-सांझीछत चापर सेवा दिनभर बाधित रही. वहीं श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए यात्रा मार्ग पर आपदा प्रबंधन दल, एसडीआरएफ, श्राइन बोर्ड, पुलिस तथा सीआरपीएफ के अधिकारी और जवान संवेदनशील स्थानों पर तैनात रहे.
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, श्रीनगर ने आगामी 4 अगस्त तक जम्मू संभाग के लगभग दस जिलों में आरेंज अलर्ट रहेगा. इस अवधि में 100 से 200 मिलीमीटर तक भारी बारिश की सूरत में बाढ़, पहाड़ों से पत्थर गिरने और भूस्खलन का खतरा रहेगा.