Bakasan Yoga: योग में कई ऐसे आसन हैं जो देखने में आसान लगते हैं, लेकिन उन्हें सही तरीके से करने के लिए शरीर के संतुलन और एकाग्रता पर अच्छी पकड़ जरूरी होती है. बकासन भी ऐसा ही एक कठिन लेकिन लोकप्रिय योगासन है. इसमें शरीर का पूरा भार हाथों पर संभालते हुए पैरों को जमीन से ऊपर उठाना होता है. शुरुआत में संतुलन बनाने में परेशानी हो सकती है, लेकिन सही विधि से धीरे-धीरे अभ्यास करने पर इसे सीखा जा सकता है.
बकासन करते समय हाथों की स्थिति, घुटनों का सहारा, शरीर का संतुलन और सांस पर नियंत्रण सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण होता है. इसे अंग्रेजी में क्राउ पोज कहा जाता है. मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बकासन करने की विधि और इससे जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी साझा की है.
बकासन कैसे करें?
बकासन का अभ्यास करने के लिए सबसे पहले योग मैट पर सीधे खड़े हों और फिर स्क्वाट की स्थिति में आ जाएं. इसके बाद दोनों हथेलियों को जमीन पर कंधों की चौड़ाई के आसपास मजबूती से रखें. हाथों की उंगलियों को अच्छी तरह फैलाकर जमीन पर टिकाएं. इससे हथेलियों का आधार मजबूत रहेगा और शरीर का संतुलन बनाने में मदद मिलेगी.
अब धीरे-धीरे घुटनों को ऊपर उठाएं और उन्हें ऊपरी बाजुओं के पास टिकाने की कोशिश करें. इसके बाद कूल्हों को ऊपर की तरफ उठाते हुए शरीर का भार धीरे-धीरे पैरों से हटाकर हाथों पर लाएं. इस दौरान टेलबोन को अंदर की ओर रखने की कोशिश करें और शरीर को जरूरत से ज्यादा आगे या पीछे झुकाने से बचें.
इस तरह उठाएं पैर
जब शरीर का भार हाथों पर आने लगे तो पैरों को जमीन से ऊपर उठाने का प्रयास करें. शुरुआत करने वाले लोग पहले एक-एक पैर उठाकर संतुलन बनाने का अभ्यास कर सकते हैं. जब संतुलन बेहतर होने लगे तो दोनों पैरों को एक साथ जमीन से ऊपर उठाने की कोशिश करें. इस दौरान भुजाओं को जितना संभव हो सीधा रखें और कंधों को स्थिर बनाए रखें.
बकासन में नजर कहां रखें?
इस आसन में शरीर का संतुलन बनाए रखने के लिए दृष्टि की दिशा भी महत्वपूर्ण है. अभ्यास करते समय नजर सामने की ओर रखें. लगातार नीचे देखने से संतुलन बिगड़ सकता है. हथेलियों को जमीन पर मजबूती से टिकाए रखें और उंगलियों को फैलाकर रखें. पैरों को भी ढीला छोड़ने के बजाय पंजों को तानकर सक्रिय रखने की कोशिश करें.
सांस का रखें खास ध्यान
बकासन करते समय सांस को रोकना नहीं चाहिए. सामान्य और नियंत्रित तरीके से सांस लेते रहें. शुरुआत में कुछ सेकंड तक ही संतुलन बनाए रखना पर्याप्त है. अभ्यास बढ़ने के साथ धीरे-धीरे इस आसन में अधिक समय तक टिकने की कोशिश की जा सकती है.
बकासन करने के क्या फायदे हैं?
बकासन का नियमित अभ्यास शरीर के संतुलन और एकाग्रता को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है. इस आसन के दौरान कलाई, हाथ, कंधे और बाजुओं की मांसपेशियों पर काम होता है. इसके अलावा पेट और कोर की मांसपेशियां भी सक्रिय रहती हैं. नियमित अभ्यास से शरीर पर नियंत्रण बेहतर करने और आत्मविश्वास बढ़ाने में भी मदद मिल सकती है. शुरुआत में इसे करने में कठिनाई होना सामान्य है, इसलिए संतुलन बनने तक धीरे-धीरे अभ्यास करना जरूरी है.
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