शवासन योग की सबसे सरल विश्राम मुद्राओं में से एक है. आयुष मंत्रालय के अनुसार, इसका अभ्यास तनाव और चिंता कम करने, नींद बेहतर करने और शरीर को गहरी विश्रांति देने में मदद कर सकता है. जानें इसे करने का सही तरीका और सावधानियां.
लंबे समय तक बैठकर काम करने से कमर दर्द और पीठ में अकड़न जैसी परेशानियां हो सकती हैं. सुप्त मत्स्येंद्रासन रीढ़ की गतिशीलता और शरीर के लचीलेपन में मदद कर सकता है.
मकरासन शरीर और मन को गहरे विश्राम की स्थिति में लाने वाला योगासन है. यह तनाव और पीठ के तनाव को कम करने में मदद कर सकता है. जानें मकरासन करने का सही तरीका और इसके फायदे.
लंबे समय तक बैठकर काम करने वालों के लिए वक्रासन एक उपयोगी योगासन माना जाता है. इसके नियमित अभ्यास से रीढ़ की हड्डी का लचीलापन बनाए रखने, कमर और कंधों के खिंचाव को कम करने और पाचन तंत्र को बेहतर रखने में मदद मिल सकती है. जानें वक्रासन करने का सही तरीका और इसके फायदे.
तिर्यक ताड़ासन एक सरल खड़े होकर किया जाने वाला योगासन है. इसके अभ्यास से रीढ़ की लचक, संतुलन और एकाग्रता में सुधार के साथ पाचन और कमर से जुड़ी परेशानियों में मदद मिल सकती है. जानें सही तरीका और सावधानियां.
पद्मासन योग की प्रमुख ध्यानात्मक मुद्राओं में शामिल है. इसका नियमित अभ्यास एकाग्रता, मानसिक शांति, पाचन और शरीर के लचीलेपन के लिए उपयोगी हो सकता है. जानें इसके फायदे और सावधानियां.
Laghu Vajrasana: योग भारतीय संस्कृति का सदियों पुराना हिस्सा है, जिसे शरीर और मन को स्वस्थ रखने के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है. योग के अलग-अलग आसनों में कुछ सरल होते हैं, तो कुछ ऐसे भी होते हैं जिन्हें...
ऊर्ध्वमुख पश्चिमोत्तानासन एक उन्नत योगासन है, जिसमें शरीर का संतुलन कूल्हों पर रखते हुए पैरों को ऊपर की ओर सीधा किया जाता है. जानें इसके फायदे और अभ्यास से जुड़ी खास बातें.
Yoga Tips: लंबे समय तक डेस्क पर बैठकर काम करने वालों के लिए पादहस्तासन बेहद फायदेमंद योगासन माना जाता है. आयुष मंत्रालय के अनुसार इसका नियमित अभ्यास कमर दर्द, गर्दन की अकड़न, तनाव और पाचन संबंधी समस्याओं से राहत दिलाने में मदद कर सकता है.
Garudasana Benefits: स्वस्थ शरीर और बेहतर जीवनशैली के लिए नियमित योग और संतुलित आहार बेहद जरूरी माना जाता है. योग में कई ऐसे आसन हैं, जो शरीर को मजबूत और लचीला बनाने में मदद करते हैं. इन्हीं में से...
आज 15 सितंबर 2026 को भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि सुबह 7:44 बजे तक रहेगी, इसके बाद पंचमी तिथि शुरू होगी. आज ऋषि पंचमी का पर्व मनाया जाएगा. जानें राहुकाल, शुभ मुहूर्त, नक्षत्र, योग और सूर्योदय-सूर्यास्त का पूरा समय.