Tiryaq Tadasana: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में खराब खानपान और अनियमित दिनचर्या का असर सेहत पर भी पड़ रहा है. ऐसे में शरीर को फिट और तरोताजा रखने के लिए योग को एक बेहतर विकल्प माना जाता है. योग के कई आसनों में तिर्यक ताड़ासन भी शामिल है, जिसे पेट और कमर के लिए फायदेमंद बताया जाता है.
आयुष मंत्रालय और योग संस्थानों के दिशा-निर्देशों के अनुसार, तिर्यक ताड़ासन को ‘झूलते ताड़ के पेड़ की मुद्रा’ भी कहा जाता है. यह खड़े होकर किया जाने वाला एक सरल योगासन है, जिसमें शरीर को एक तरफ झुकाया जाता है. इसके अभ्यास के दौरान शरीर की मुद्रा के साथ सांस पर ध्यान देना भी जरूरी होता है.
तिर्यक ताड़ासन कैसे करें?
इस आसन को करने के लिए सबसे पहले ताड़ासन की स्थिति में सीधे खड़े हो जाएं. दोनों पैरों के बीच कंधों के बराबर दूरी रखें और हाथों को शरीर के नीचे सामान्य स्थिति में रखें. अब सांस अंदर लेते हुए दोनों हाथों की उंगलियों को आपस में फंसा लें. इसके बाद हथेलियों को ऊपर की तरफ रखते हुए दोनों हाथों को सिर के ऊपर सीधा उठाएं.
इस दौरान कोहनियां सीधी रखें. अब सांस छोड़ते हुए कमर के हिस्से से शरीर को धीरे-धीरे बाईं या दाईं तरफ झुकाएं. अपनी क्षमता के अनुसार इस स्थिति में 10 से 30 सेकंड तक रहें और सामान्य रूप से सांस लेते रहें. इसके बाद शरीर को वापस सीधी अवस्था में लाएं. इस प्रक्रिया को 3 से 5 बार किया जा सकता है.
तिर्यक ताड़ासन के क्या हैं फायदे?
तिर्यक ताड़ासन के नियमित अभ्यास से रीढ़ की हड्डी में लचीलापन बढ़ाने और कमर के दर्द व साइड में होने वाली जकड़न को कम करने में मदद मिल सकती है. इस आसन के दौरान पेट और आंतों के हिस्से पर खिंचाव पड़ता है, जिससे पाचन क्रिया को बेहतर बनाने और कब्ज से राहत दिलाने में मदद मिलने की बात कही जाती है. इसके अलावा बगल, कंधे, छाती और हाथों की मांसपेशियों में भी स्ट्रेच आता है और उन्हें मजबूत बनाने में मदद मिल सकती है. इसके अभ्यास से फेफड़ों की क्षमता बढ़ने, सांस लेने में आसानी होने, संतुलन और एकाग्रता में सुधार तथा तनाव कम करने में भी मदद मिल सकती है. नियमित अभ्यास को कमर की चर्बी घटाने में भी सहायक माना जाता है.
किन लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए?
तिर्यक ताड़ासन का अभ्यास करते समय कुछ लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है. आयुष मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार, जिन लोगों को पीठ, रीढ़ की हड्डी या पेट में चोट लगी है, उन्हें इस आसन को करने से बचना चाहिए. वहीं, गर्भवती महिलाओं को भी तिर्यक ताड़ासन का अभ्यास करते समय सावधानी बरतने की सलाह दी गई है.
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