Makarasana Benefits: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव, थकान, पीठ दर्द और शारीरिक असहजता जैसी समस्याएं आम होती जा रही हैं. ऐसे में योग शरीर और मन को आराम देने का एक प्रभावी माध्यम माना जाता है. योग की प्राचीन परंपरा में मकरासन को खास तौर पर विश्राम देने वाला आसन माना गया है. आयुष मंत्रालय की योग सामग्री में भी मकरासन को रिलैक्सिंग पोस्चर बताया गया है और इसे तनाव, चिंता तथा पीठ दर्द में उपयोगी बताया गया है.
क्या है मकरासन?
‘मकर’ शब्द का संस्कृत में अर्थ मगरमच्छ होता है. मकरासन में शरीर की स्थिति आराम कर रहे मगरमच्छ जैसी दिखाई देती है, इसलिए इसे मकरासन कहा जाता है. यह पेट के बल किया जाने वाला योगासन है, जिसमें शरीर को बिना ज्यादा खिंचाव दिए आराम की स्थिति में रखा जाता है. आयुष मंत्रालय के अनुसार, यह एक रिलैक्सिंग आसन है.
तनाव और चिंता कम करने में मदद
मकरासन का सबसे प्रमुख उद्देश्य शरीर को गहरे विश्राम की स्थिति में लाना है. नियमित अभ्यास के दौरान शरीर को आराम मिलता है और तनाव तथा चिंता को कम करने में मदद मिल सकती है. आयुष मंत्रालय की योग सामग्री में भी मकरासन को तनाव और चिंता से राहत के लिए उपयोगी बताया गया है.
पीठ और रीढ़ के लिए फायदेमंद
लंबे समय तक बैठकर काम करने वाले लोगों में पीठ दर्द की समस्या देखने को मिलती है. मकरासन शरीर को आराम देने के साथ पीठ के तनाव को कम करने में मदद कर सकता है. आयुष मंत्रालय के अनुसार, यह पीठ दर्द, लोअर बैक पेन, स्लिप डिस्क और साइटिका जैसी स्थितियों में लाभकारी हो सकता है.
कैसे करें मकरासन?
मकरासन करने के लिए सबसे पहले पेट के बल जमीन पर लेट जाएं. दोनों पैरों को आराम से थोड़ा फैलाएं और पंजों को बाहर की ओर रखें. इसके बाद दोनों हाथों को सिर के नीचे ले जाकर एक-दूसरे पर रखें और माथे को हाथों के ऊपर टिकाएं. आंखें बंद करके शरीर को ढीला छोड़ दें और सामान्य गति से धीरे-धीरे सांस लेते रहें. जितनी देर आरामदायक लगे, इसी स्थिति में रहें.
पाचन के लिए भी बताया जाता है उपयोगी
मकरासन में पेट के बल लेटने के कारण पेट और शरीर के निचले हिस्से पर हल्का दबाव पड़ता है. योग अभ्यास के दौरान धीमी और गहरी सांस लेने से शरीर को रिलैक्स करने में मदद मिलती है. हालांकि, किसी विशेष पाचन रोग जैसे गैस, कब्ज या अपच के इलाज के तौर पर केवल मकरासन पर निर्भर नहीं रहना चाहिए.
किन लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए?
हर व्यक्ति के लिए सभी योगासन समान रूप से उपयुक्त नहीं होते. आयुष मंत्रालय की सामग्री के अनुसार, पीठ, कंधे या गर्दन में चोट, हाई ब्लड प्रेशर, हृदय रोग या अस्थमा जैसी स्थितियों में मकरासन करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना जरूरी है. योग को नियमित दिनचर्या का हिस्सा बनाने से शारीरिक फिटनेस और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में मदद मिल सकती है. आयुष मंत्रालय की 2026 की योग सामग्री भी तनाव, चिंता और थकान समेत कई जीवनशैली संबंधी समस्याओं के प्रबंधन में योग की उपयोगिता बताती है.
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