भूख- हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक की तबीयत बिगड़ी, गिरा रक्तचाप, वजन भी 7.8 KG घटा

New Delhi: दिल्ली स्थित जंतर मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के 15वें दिन रविवार को शिक्षाविद एवं जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की सेहत और बिगड़ गई. चिकित्सकों ने कहा कि उनका रक्तचाप और गिर गया है. साथ ही उनका वजन 7.8 किलोग्राम घट गया है. NEET- UG परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) का विरोध-प्रदर्शन रविवार को 23वें दिन जारी रहा.

वजन 7.8 किलोग्राम घट गया

CJP की ओर से जारी स्वास्थ्य सूचना के मुताबिक, भूख हड़ताल शुरू होने के बाद से वांगचुक का रक्तचाप गिरकर 104/66 एमएम एचजी (मिलीमीटर इन मर्करी) हो गया है, जबकि उनका वजन 7.8 किलोग्राम घट गया. इसके अलावा CJP ने बताया है कि कई नेता और जाने-माने बुद्धिजीवी आंदोलन के प्रति समर्थन दिखाने के लिए दिन में विरोध स्थल का दौरा करने वाले हैं.

सांसद पुष्पेंद्र सरोज संबोधित करेंगे

संगठन के अनुसार, केरल के पूर्व मंत्री के.के. शैलजा, के. एन. बालगोपाल और पी. राजीव प्रदर्शनकारियों से बातचीत करेंगे, जबकि समाजवादी पार्टी के सांसद पुष्पेंद्र सरोज रविवार को सभा को संबोधित करेंगे. CJP ने बताया कि दिन के कार्यक्रम का समापन ‘बेरोज़गारी का अर्थशास्त्र’ विषय पर अर्थशास्त्री जयति घोष के सार्वजनिक व्याख्यान के साथ होगा. यह व्याख्यान रोजगार के संकट और युवाओं पर इसके असर पर ध्यान केंद्रित होगा.

विरोध स्थल पर एक अलग मंच

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी लेनिनवादी) लिबरेशन से जुड़े ‘ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन’ (आइसा) के सदस्यों नेहा, मनीष, दीपक कुमार वर्मा और आमीन ने विरोध स्थल पर एक अलग मंच पर अपनी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल जारी रखी. वांगचुक ने शनिवार को लोगों से 20 जुलाई को संसद तक प्रस्तावित मार्च में शामिल होने की अपील की. उन्होंने ‘एक्स’ पर वीडियो डालकर कहा था, ”कृपया किसी और में नायक न ढूंढें. अपनी ज़िंदगी के नायक खुद बनें. एक नागरिक के तौर पर अपनी ज़िम्मेदारियां निभाएं.”

एक-एक करोड़ की मांग

उन्होंने कहा कि नागरिकों को एकजुट होकर सांसदों से परीक्षा में कथित गड़बड़ियों से जुड़े मुद्दों पर गौर करने के लिए कहना चाहिए. कॉकरोच जनता पार्टी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े और परीक्षा में कथित गड़बड़ियों के कारण आत्महत्या करने वाले विद्यार्थियों के परिवारों के लिए एक-एक करोड़ रुपये के मुआवज़े की मांग कर रही है. CJP ने मानसून सत्र के पहले दिन 20 जुलाई को संसद तक शांतिपूर्ण मार्च निकालने की घोषणा की है.

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