Bharat Express 3rd anniversary: भारत एक्सप्रेस की तीसरी वर्षगांठ पर आयोजित मेगा कॉन्क्लेव में सीएमडी उपेंद्र राय ने कहा कि आज भारत एक्सप्रेस का डिस्ट्रीब्यूशन किसी भी चैनल से कम नहीं है. उन्होंने बताया कि चैनल को चैनल जैसा बनाने की कोशिश की गई और भगवान की कृपा व साथियों के सहयोग से यह सफल भी हुआ.
सहारा श्री का योगदान
सीएमडी उपेंद्र राय ने सहारा श्री को याद करते हुए कहा कि वे एक बड़े उद्योगपति और विज़नरी थे. दुख जताते हुए उन्होंने कहा कि सहारा श्री को उतनी शानदार विदाई नहीं मिली जितनी मिलनी चाहिए थी. उन्होंने बताया कि सहारा श्री ने पूर्वांचल को अंधकार और अपराध से बचाया और कम से कम 5 लाख लोगों को रोजगार से जोड़कर उनकी जीवन ऊर्जा को सही दिशा दी.
चैनल शुरू करने का मकसद
सीएमडी ने कहा कि हर काम के पीछे एक मोटिव होता है. भारत एक्सप्रेस शुरू करने का मकसद था कि चैनल सिर्फ खबरें दिखाए, न कि नूरा कुश्ती या सनसनीखेज कंटेंट. उन्होंने कहा कि आजकल चैनल्स अपराध और आकर्षक लेकिन भटकाने वाली खबरों पर ज्यादा ध्यान देते हैं, जबकि भारत एक्सप्रेस का उद्देश्य लोगों को सही दिशा देना है.
न्यूज और रेफरी की भूमिका
सीएमडी उपेंद्र राय ने कहा कि आज के समय में अगर चैनल लेफ्ट या राइट खड़ा नहीं होता तो लोग उसे नहीं देखते. लेकिन भारत एक्सप्रेस ने रेफरी की तरह निष्पक्ष रहने का संकल्प लिया है. उन्होंने बताया कि प्रकृति और ईश्वर का स्वभाव भी रेफरी जैसा होता है. जो देखता है, दर्ज करता है लेकिन पक्षपात नहीं करता.
परमात्मा और परंपरा
उन्होंने कहा कि परमात्मा शब्दों से परे है और उसे बताया नहीं जा सकता. बुद्ध, महावीर और गुरु नानक देव जैसे महापुरुषों ने भी यही कहा कि परमात्मा को महसूस किया जा सकता है लेकिन देखा नहीं जा सकता. हमारी स्थूल आंखें जो पहचान सकती हैं, वह हमारे जैसा ही होता है. रास्ता वही है जिस पर महापुरुष चले.
धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष
सनातन परंपरा में धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष को मूल आधार बताया गया है. सीएमडी उपेंद्र राय ने कहा कि इन्हीं चार स्तंभों पर जीवन और समाज को कसौटी पर कसना चाहिए. यही गोल्डन रूल है जो हमें सही दिशा देता है.
तीन साल का सफर
भारत एक्सप्रेस को लांच हुए 31 जनवरी को तीन साल पूरे हो गए. टीम ने तय किया कि एनिवर्सरी को खास तिथि पर मनाया जाए. इसी संजोग में 9 मार्च को मेगा कॉन्क्लेव आयोजित किया गया.
इस तरह सीएमडी उपेंद्र राय ने चैनल की सोच, सहारा श्री के योगदान और भारत एक्सप्रेस के विज़न को साझा किया. उन्होंने साफ किया कि चैनल का मकसद सिर्फ खबरें दिखाना है और लोगों की संवेदनाओं को प्राथमिकता देना है.
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