Om Prakash Rajbhar: सपा को लेकर ओमप्रकाश राजभर के बयान से सियासी फिजां गर्मी गई है. योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री और सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने फिर समाजवादी पार्टी में बड़ी टूट का दावा दोहराया है. गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर राजभर ने पोस्ट करते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी में टूट तो होकर रहेगी.
राजभर ने दावा किया कि सपा के बागी सांसदों के गुट को संभालने के लिए एक बड़ा चेहरा सामने आ गया है, जो उत्तर प्रदेश की ‘बागी भूमि’ यानी बलिया से ताल्लुक रखता है.
ओपी राजभर ने ट्वीट किया
ओपी राजभर ने ट्वीट किया, ‘समाजवादी पार्टी में होने वाली इस टूट की योजना पहले से ही तैयार थी, लेकिन हाल ही में हुई एक घटना ने इसमें ‘आग में घी’ का काम कर दिया है. 17 जून को सपा कार्यालय में आयोजित एक सम्मेलन के नाम पर ब्राह्मण समुदाय का घोर तिरस्कार किया गया.’
कल से सब पूछ रहे हो कि सपा में क्या टूट होने वाली है?
तो सुनो!
सपा के बागी सांसदों के गुट का नेतृत्व उत्तर प्रदेश की 'बागी भूमि' का एक लाल करेगा।
और करे भी क्यों न?
कल जिस तरह से सपा कार्यालय में सम्मेलन के नाम पर ब्राह्मणों को तिरस्कृत किया गया, उससे 'बागी बलिया' का लाल…
— Om Prakash Rajbhar (@oprajbhar) June 18, 2026
‘इस कथित अपमान से ‘बागी बलिया’ की धरती से आने वाले सपा के सांसद/नेता बेहद आहत हैं और इसी के बाद बगावत की रूपरेखा को अंतिम रूप दे दिया गया है. बयान में साफ कहा गया है कि अब सपा में टूट होकर ही रहेगी.’
सपा मुखिया अखिलेश यादव और उनके कुनबे पर सीधा और तीखा हमला बोलते हुए कहा गया है कि एक राजनीतिक प्रतिक्रिया आते ही पूरा ‘सैफई खानदान’ गाली देने और सफाई देने में जुट गया है. सपा नेतृत्व को नसीहत देते हुए तंज कसा कि अखिलेश बाबू को अब ट्विटर, एसी कमरों और प्रेस कॉन्फ्रेंस वाली नेतागिरी छोड़कर तुरंत ‘सांसद बचाओ अभियान’ शुरू कर देना चाहिए.
ओपी राजभर ने एक दिन पहले किया था ट्वीट
मालूम हो कि ओमप्रकाश राजभर ने 17 जून को सपा में बड़ी टूट होने का दावा किया था. सोशल मीडिया पर उन्होंने पोस्ट किया था कि इसके लिए रामगोपाल यादव ने अमित शाह को चिट्ठी लिखी है. उनकी एक पोस्ट ने यूपी का सियासी पारा चढ़ा दिया. अखिलेश और शिवपाल यादव ने भी पलटवार किया था.