गाजीपुर: सौतेले पिता को मासूम से दरिंदगी मामले में उम्रकैद, मिशन शक्ति के तहत पुलिस की सख्त पैरवी लाई रंग

Shivam
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
गाजीपुर जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है. ‘मिशन शक्ति’ (Mission Shakti) अभियान फेज-05 और ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत एक मासूम बच्ची के साथ दरिंदगी करने वाले सौतेले पिता को कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है. यह सख्त फैसला महिला एवं बालिका सुरक्षा को लेकर लागू की गई शून्य सहनशीलता की नीति का परिणाम माना जा रहा है.

क्या है पूरा मामला?

यह मामला थाना शादियाबाद क्षेत्र का है जहां 20 जुलाई 2025 को एक नाबालिग बालिका के साथ उसके सौतेले पिता अशोक बनवासी ने घृणित अपराध किया. उसी दिन FIR दर्ज हुई और अगले ही दिन यानी 21 जुलाई को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया. विवेचना निरीक्षक श्यामजी यादव ने सटीक फोरेंसिक और मौखिक साक्ष्यों के आधार पर की जिससे केस की मजबूत पैरवी संभव हो सकी.

आरोपी को आजीवन करावास की सजा

27 अगस्त को आरोप पत्र दाखिल होने के बाद 9 सितंबर को कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रतिदिन सुनवाई शुरू की. 12 सितंबर को आरोप तय किए गए और मात्र 15 दिनों के भीतर, 26 सितंबर को विशेष न्यायिक पॉक्सो कोर्ट ने आरोपी को दोषी करार देते हुए उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई. साथ ही एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया.

किसका अहम योगदान रहा

इस फैसले में थाना शादियाबाद के दशरथ लाल बिन्द, जमुना प्रसाद व उनकी टीम, कोर्ट मोहर्रिर राम प्रताप मिश्रा, अभियोजन अधिकारी प्रभु नारायण सिंह और क्षेत्राधिकारी भुड़कुड़ा की सघन निगरानी और मेहनत का अहम योगदान रहा.

पुलिस अधीक्षक ने मिशन शक्ति को बताया सफल

इस त्वरित और कठोर फैसले से समाज में एक मजबूत संदेश गया है कि महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ अपराध करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा. वही, पुलिस अधीक्षक गाजीपुर ने इसे मिशन शक्ति (Mission Shakti) की बड़ी सफलता बताया है.
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