गोरखपुर: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को पौधरोपण महायज्ञ 2026 के अंतर्गत आरकेबीके के समीप ताल रिंग रोड के किनारे मौलश्री का पौधरोपण किया. इस अवसर पर नागरिकों को पौधरोपण की महत्ता समझाते हुए कहा कि एक वृक्ष अपने भीतर हजारों लीटर जल का अवशोषण करके रखता है. नदियां वहीं सदानीरा होती हैं, जहां वन या बहुतायत में वृक्ष होते हैं. ऐसे में यदि वृक्षों की अंधाधुंध कटान होगी तो जल और जल की कमी से खाद्यान्न का संकट खड़ा हो सकता है.
पर्यावरण असंतुलन से वर्षा चक्र का अंतर बढ़ता हैः CM योगी
जनसमूह को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि पर्यावरण असंतुलन से वर्षा चक्र का अंतर बढ़ता है और इसका प्रतिकूल असर अन्नदाता किसान के लिए संकट पैदा करता है. बड़े पैमाने पर पेड़ों के कटान से पेयजल का संकट और सूखे की स्थिति बनती है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रकृति और पर्यावरण संतुलन बनाने के लिए अपने दायित्व का निवर्हन करने को हर नागरिक को ‘एक पेड़ मां के नाम’ थीम को समर्पित पौधरोपण महाभियान से जुड़ना होगा. उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को पौधा लगाने के साथ ही उसकी सुरक्षा का संकल्प भी लेना होगा.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इस वर्ष एक ही दिन में सरकार ने 35 करोड़ पौधरोपण करने का लक्ष्य तय किया है. लक्ष्य बड़ा भले हो, लेकिन यूपी जैसे राज्य में जहां 57 लाख से अधिक नर्सरियां हैं, के लिए यह मुश्किल नहीं है. पौधरोपण महाभियान में औषधीय, फलदार, छायादार, इमारती हर तरह के पौधे लगाए जा रहे हैं.
सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश सरकार ने हर वर्ष पौधरोपण के बड़े अभियान को आगे बढ़ाया है और लगाए गए पौधों की सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था की है. इसी का परिणाम है कि सर्वे में वनाच्छादन का विस्तार स्पष्ट दिखाई देता है. उन्होंने कहा कि कृतज्ञता ज्ञापन भारतीय संस्कृति की पहचान है और व्यापक पैमाने पर पौधरोपण के जरिए हम प्रकृति के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित कर वर्तमान और भावी पीढ़ी के भविष्य को उज्ज्वल बना सकते हैं.
रामगढ़ताल की खूबसूरती को निहारते हुए सीएम योगी ने ली सेल्फी
ताल रिंग रोड के किनारे पौधरोपण करने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रामगढ़ताल की खूबसूरती को निहारते हुए प्रसन्न नजर आए और उन्होंने सेल्फी भी ली.