‘हमने डॉक्टर बनाए और तुमने जिहादी’, जब सुषमा स्वराज के दहाड़ से थर्रा गया था पाकिस्तान

Divya Rai
Content Writer The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Sushma Swaraj: आज 14 फरवरी के दिन पूरी दुनिया वैलेंटाइन डे मनाती है. लेकिन भारत के लिए इस दिन का एक अलग महत्व है. दरअसल, आज पूर्व विदेश मंत्री और पद्म विभूषण से सम्मानित सुषमा स्वराज की जयंती है. ‘अद्भुत वक्ता’ और ‘लौह महिला’ के नाम से प्रसिद्ध सुषमा स्वराज भारतीय राजनीति की एक ऐसी नेता थीं, जिनका पद पार्टियों से बड़ा था. संसद में जब भी वो भाषण देती थीं, तो पक्ष हो या विपक्ष सब उन्हें खामोश होकर सुनते थे.

संसद की दीवारों में गूंजता है ये शेर

सुषमा स्वराज के कई ऐसे शेर हैं, जिन्हें आज की भी युवा सर्च करके सुनती है. उनका सबसे मशहूर शेर… “तू इधर-उधर की न बात कर, ये बता कि काफिला क्यों लूटा…” आज भी संसद की दीवारों में गूंजता है.

लंबी रेस का घोड़ा थीं Sushma Swaraj

14 फरवरी 1952 को अंबाला कैंट में जन्मी सुषमा स्वराज सियासत में अमिट छाप छोड़ गईं. 1975 में जब भारत में इमरजेंसी लगी, तो सुषमा स्वराज जयप्रकाश नारायण के ‘सम्पूर्ण क्रांति आंदोलन’ में कूद पड़ीं. उन्होंने जॉर्ज फर्नांडिस की लीगल डिफेंस टीम का हिस्सा बनकर अपनी सियासी समझ का लोहा मनवाया.
उन्होंने 1977 में हरियाणा विधानसभा का चुनाव जीता और 25 साल की उम्र में कैबिनेट मंत्री बनीं.

दक्षिण भारत में बीजेपी के लिए जमीन तैयार कर दी

1996 में वाजपेयी जी की 13 दिन की सरकार में सुषमा स्वराज सूचना प्रसारण मंत्री बनीं. वहीं, 1998 में उन्होंने दिल्ली की पहली महिला मुख्यमंत्री बनकर इतिहास रच दिया. 1999 में वो कर्नाटक के बेल्लारी से सोनिया गांधी के खिलाफ मैदान में उतरीं. हालांकि, वो ये चुनाव हार गईं. लेकिन उन्होंने दक्षिण भारत में भारतीय जनता पार्टी के लिए जमीन तैयार कर दी और कन्नड़ बोलकर लोगों का दिल जीत लिया.

इस बयान से कांप उठा था पाकिस्तान

2014 में मोदी सरकार में सुषमा स्वराज विदेश मंत्री बनीं. संयुक्त राष्ट्र (UN) में उन्होंने पाकिस्तान को बेनकाब किया था और दुनिया के सामने उसे ‘टेरर फैक्ट्री’ साबित कर दिया. 23 सितंबर को उन्होंने संयुक्त राष्ट्र में ऐसा भाषण दिया था जिसे सुनकर दुनिया सन्न रह गई थी. उन्होंने कहा था, “भारत ने स्कॉलर, वैज्ञानिक, इंजीनियर और डॉक्टर पैदा किए. पाकिस्तान ने क्या बनाया? सिर्फ दहशतगर्द और जिहादी! डॉक्टर मरते हुए लोगों की जिंदगी बचाते हैं और जिहादी जिंदा लोगों को मार डालते हैं.”

6 अगस्त 2019 को हो गया निधन

सुषमा स्वराज अपने भाषण से हर किसी को चुप करा देती थीं. 6 अगस्त 2019 को उनके निधन से एक युग का अंत हो गया. हालांकि, उनके शब्द और भाषण आज भी लोगों के जहन में गूंजते हैं.

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