Zubeen Garg Funeral: अपने ‘गोल्डी’ को अंतिम श्रद्धांजलि देते हुए रो पड़ीं पत्नी गरिमा, मौजूद रहे CM व केंद्रीय मंत्री

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Assam: मशहूर सिंगर ज़ुबिन गर्ग का मंगलवार को गुवाहाटी के बाहरी इलाके कमरकुची में पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया. 52 वर्षीय आइकॉन की बहन पाल्मे बोरठाकुर ने अंतिम संस्कार की रस्में निभाईं. इस दौरान अपने ‘गोल्डी’ को अंतिम श्रद्धांजलि देते हुए पत्नी गरिमा सैकिया रो पड़ीं. दोस्तों और परिवार के बीच ज़ुबिन इसी नाम से जाने जाते थे.

श्मशान घाट पर सैकड़ों लोग हुए थे जमा

मौके पर असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा एवं केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू भी मौजूद रहें. अपने प्यारे गायक को भावभीनी विदाई देने के लिए श्मशान घाट पर सैकड़ों लोग जमा हुए थे. दिवंगत गायक के पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार से पहले उनके प्रशंसकों और शुभचिंतकों के श्रद्धांजलि देने के लिए भोगेश्वर बरुआ स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में रखा गया था. असम सरकार ने गायक के निधन के बाद 3 दिन के राजकीय शोक की घोषणा की थी. असम CMO ने बताया कि इस दौरान कोई भी आधिकारिक मनोरंजन, औपचारिक कार्यक्रम या सार्वजनिक उत्सव नहीं होगा.

श्मशान घाट पर ज़ुबिन को दी गई बंदूकों की सलामी

सोनापुर के कमरकुची गांव के श्मशान घाट पर ज़ुबिन को बंदूकों की सलामी दी गई. असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने अपने एक पोस्ट में लिखा कि ‘आखिरी बार जब मैंने #BelovedZubeen को देखा. अब से वह असम की आत्माए मन और दिलों में रहेंगे.’ केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कमरकुची के श्मशान घाट पर गर्ग को अंतिम श्रद्धांजलि दी.

सिंगापुर में डूबने की एक घटना के बाद हो गई थी मौत

ज़ुबिन की शुक्रवार को सिंगापुर में डूबने की एक घटना के बाद मौत हो गई थी. उनके पार्थिव शरीर को एक कमर्शियल फ्लाइट से असम ले जाया गया, जो रविवार सुबह गुवाहाटी में उतरी. ज़ुबिन नॉर्थईस्ट इंडिया फेस्टिवल के लिए सिंगापुर में थे. इस खबर से पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई और सोशल मीडिया पर शोक संदेशों और श्रद्धांजलि की बाढ़ आ गई.

असम के सांस्कृतिक प्रतीक के रूप में जाने जाते थे ज़ुबिन

असम के सांस्कृतिक प्रतीक के रूप में जाने जाने वाले ज़ुबिन सिर्फ एक गायक ही नहीं बल्कि एक संगीतकार, संगीत निर्देशक, अभिनेता और फिल्म निर्माता भी थे. तीन दशकों से ज्यादा के अपने करियर में उन्होंने असमिया, हिंदी, बंगाली और कई अन्य भारतीय भाषाओं में हजारों गानों को अपनी आवाज दी.

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