केंद्र सरकार ने समुद्र मंथन योजना को मंजूरी दे दी है. इस योजना के तहत 60 गहरे समुद्री और अल्ट्रा-डीपवॉटर कुओं की ड्रिलिंग की जाएगी. सरकार हर कुएं पर 650 करोड़ रुपये तक खर्च करेगी, ताकि भारत में तेल और गैस की घरेलू खोज को बढ़ावा मिल सके.
भारत में UPI ट्रांजैक्शन ने जुलाई 2026 में नया रिकॉर्ड बनाया है. NPCI के मुताबिक, इस महीने 23.66 अरब ट्रांजैक्शन हुए, जबकि कुल लेनदेन मूल्य 29.88 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया.
SBI Research की रिपोर्ट के अनुसार वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में भारत की GDP Growth 7% तक पहुंच सकती है. रिपोर्ट में महंगाई, मानसून, एल नीनो और खरीफ फसलों को लेकर भी अहम अनुमान जताए गए हैं.
जून 2026 में भारत की औद्योगिक उत्पादन वृद्धि दर 7.3 प्रतिशत रही. विनिर्माण क्षेत्र, इलेक्ट्रिकल उपकरण और ऑटोमोबाइल उद्योग ने शानदार प्रदर्शन किया, जबकि निर्यात और घरेलू मांग ने औद्योगिक गतिविधियों को मजबूती दी.
वित्त वर्ष 2025-26 में भारत ने 863 अरब डॉलर का रिकॉर्ड एक्सपोर्ट किया, जिसमें 110 अरब डॉलर की हिस्सेदारी के साथ गुजरात देश का सबसे बड़ा एक्सपोर्ट करने वाला राज्य बन गया. मजबूत औद्योगिक नीतियों, आधुनिक पोर्ट, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और सेमीकंडक्टर जैसे नए सेक्टर्स में निवेश ने गुजरात को एक्सपोर्ट का नया पावरहाउस बना दिया है.
RBI के जुलाई बुलेटिन में कहा गया है कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है. जून तक आर्थिक गतिविधियां तेज रहीं, जबकि विदेशी व्यापार, FDI, FPI और औद्योगिक एवं सेवा क्षेत्र के संकेतकों ने भी मजबूती दिखाई.
CBDT ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए Cost Inflation Index (CII) को 376 से बढ़ाकर 384 कर दिया है. जानिए इंडेक्सेशन का फायदा किन लोगों को मिलेगा, टैक्स नियमों में क्या बदलाव हुए हैं और डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन के ताजा आंकड़े क्या कहते हैं.
भारत के रियल एस्टेट सेक्टर ने 2026 की पहली छमाही में नया रिकॉर्ड बनाया है. सीबीआरई की रिपोर्ट के अनुसार, जनवरी से जून के बीच 8.5 अरब डॉलर का इक्विटी निवेश हुआ, जो पिछले साल की तुलना में 32 प्रतिशत अधिक है.
सरकार की नई फैक्टशीट के अनुसार, भारत में कृषि क्षेत्र को मिलने वाला ऋण वित्त वर्ष 2025-26 में बढ़कर 32.50 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया है. ग्रामीण बैंकिंग, नाबार्ड, जनधन योजना और स्वयं सहायता समूहों के विस्तार से किसानों तक संस्थागत ऋण की पहुंच लगातार बढ़ रही है.
सरकार पहली बार देशव्यापी रिटेल कंजम्पशन सर्वे कराने की तैयारी में है. इस सर्वे के जरिए लोगों की खरीदारी के बदलते ट्रेंड और रिटेल बाजार की स्थिति को समझने की कोशिश की जाएगी.