भारत का उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुओं का बाजार 2029 तक 3 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है. युवा पेशेवर, EMI विकल्प और स्मार्ट फीचर्स की बढ़ती मांग इस तेजी के प्रमुख कारण बताए गए हैं.
भारत विदेशी विश्वविद्यालयों को देश में प्रोत्साहित कर 2040 तक 113 अरब डॉलर की विदेशी मुद्रा बचा सकता है. रिपोर्ट में उच्च शिक्षा में सीटों की कमी और बढ़ती मांग को लेकर बड़ा खुलासा.
एसबीआई रिसर्च के अनुसार वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही में भारत की जीडीपी वृद्धि दर 8–8.1 प्रतिशत रह सकती है. मजबूत घरेलू मांग और खपत के कारण अर्थव्यवस्था ने वैश्विक चुनौतियों के बावजूद गति बनाए रखी है.