Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, शौनकादि ऋषियों द्वारा प्रश्न, चौबीस अवतार का वर्णन, भगवान व्यास का अवतार, भागवत की रचना, परीक्षित का जन्म, राज्याभिषेक, दिग्विजय, कलियुग का निग्रह, ऋषि श्रृंगी का श्राप, राजा परीक्षित...
सनातन धर्म में राधा रानी को प्रेम और भक्ति का सर्वोच्च स्वरूप माना जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार राधा रानी के 32 नामों का श्रद्धापूर्वक जाप करने से जीवन में सुख, शांति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है.