Gold Hallmarking Rules 2026: बिना HUID वाले सोने को लेकर फैल रही अफवाह, जानिए क्या है सच्चाई

Shivam
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Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
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भारत में सोना सिर्फ एक आभूषण नहीं, बल्कि परिवारों के लिए आर्थिक सुरक्षा का एक मजबूत आधार माना जाता है. शादी-ब्याह से लेकर मुश्किल समय तक, सोना हमेशा एक भरोसेमंद सहारा रहा है. हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर एक खबर तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि अगर आपके सोने के गहनों पर 6 अंकों वाला HUID (Hallmark Unique Identification) कोड नहीं है, तो वह सोना बेकार हो जाएगा या उसकी कोई कीमत नहीं रहेगी. इस खबर ने खासकर उन लोगों की चिंता बढ़ा दी है, जिनके पास सालों पुराने गहने हैं और जिन पर हॉलमार्किंग नहीं है. ऐसे में जरूरी है कि इस मामले की सच्चाई को सही तरीके से समझा जाए.

क्या पुराना सोना रखना गैरकानूनी है

सबसे पहले यह स्पष्ट कर देना जरूरी है कि बिना हॉलमार्क वाला सोना घर में रखना किसी भी तरह से गैरकानूनी नहीं है. सरकार ने ऐसा कोई नियम लागू नहीं किया है, जिसमें पुराने गहनों को रखने पर रोक हो. आप इनकम टैक्स के नियमों के तहत जितना सोना रखने की अनुमति है, उतना सोना अपने पास रख सकते हैं, चाहे उस पर HUID कोड हो या न हो.

दरअसल, सरकार की ओर से जो नियम लागू किया गया है, वह ग्राहकों पर नहीं बल्कि ज्वेलर्स पर लागू होता है. अब कोई भी ज्वेलर बिना 6 अंकों वाले HUID कोड के नई ज्वेलरी नहीं बेच सकता. इसका मतलब साफ है कि यह नियम बेचने वालों के लिए है, रखने वालों के लिए नहीं.

पुराने सोने को बेचने में क्यों आती है दिक्कत

अब सवाल उठता है कि अगर पुराना सोना रखना पूरी तरह वैध है, तो उसे बेचते समय परेशानी क्यों होती है. जब कोई व्यक्ति बिना हॉलमार्क वाला सोना किसी ज्वेलर के पास लेकर जाता है, तो ज्वेलर उसे सीधे किसी अन्य ग्राहक को नहीं बेच सकता. उसे पहले उस सोने को पिघलाकर नए गहनों में बदलना पड़ता है और फिर उस पर नया HUID कोड लगवाना होता है. इस पूरी प्रक्रिया में समय, मेहनत और अतिरिक्त लागत लगती है. इसी कारण कुछ दुकानदार पुराने गहनों को लेने में हिचकिचाते हैं या उनकी कीमत कम लगाने की कोशिश करते हैं.

क्या इससे सोने की कीमत कम हो जाती है

बिना हॉलमार्क वाला सोना बेकार नहीं होता, लेकिन उसकी बिक्री के समय कुछ तकनीकी प्रक्रियाओं के कारण कीमत पर असर पड़ सकता है. ज्वेलर को उसे दोबारा प्रोसेस करना पड़ता है, इसलिए वह उसकी कीमत तय करते समय कुछ कटौती कर सकता है. यही वजह है कि कई लोगों को लगता है कि उनका सोना कम कीमत पर खरीदा जा रहा है.

आपके लिए क्या है आसान और सुरक्षित तरीका

अगर आप चाहते हैं कि भविष्य में सोना बेचने या एक्सचेंज करने में किसी तरह की परेशानी न हो, तो इसका एक सरल समाधान मौजूद है. आप अपने शहर के किसी भी सरकारी मान्यता प्राप्त Assaying and Hallmarking Centre पर जाकर अपने गहनों की जांच करा सकते हैं.

यहां लगभग 45 रुपये प्रति पीस (प्लस जीएसटी) की फीस देकर गहनों की शुद्धता की जांच की जाती है और उन पर नया HUID कोड लगाया जाता है. यह प्रक्रिया सरल, सुरक्षित और विश्वसनीय मानी जाती है.

HUID कोड लगने के बाद क्या फायदा होता है

एक बार गहनों पर HUID कोड लग जाने के बाद उनकी शुद्धता प्रमाणित हो जाती है. इससे गहनों की विश्वसनीयता बढ़ती है और उन्हें किसी भी ज्वेलर को बेचने में आसानी होती है. इसके अलावा, कीमत को लेकर विवाद की संभावना भी कम हो जाती है और ग्राहक को उचित मूल्य मिलने की संभावना बढ़ जाती है.

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