Washington: अफगानिस्तान युद्ध को लेकर दिए गए बयान पर ब्रिटेन की कड़ी प्रतिक्रिया के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अब ब्रिटेन के सैनिकों को बहुत बहादुर बताते हुए उनकी जमकर तारीफ की है. राजनीतिक और कूटनीतिक दबाव बढ़ने के बाद ट्रंप का यह नया बयान डैमेज कंट्रोल के तौर पर देखा जा रहा है. बता दें कि ट्रंप के बयान पर विवाद बढ़ गया था.
ट्रंप ने ब्रिटिश सैनिकों को दी श्रद्धांजलि
ट्रंप ने पहले यह दावा किया था कि अफगानिस्तान में NATO के गैर-अमेरिकी सैनिक फ्रंटलाइन से दूर रहते थे, जिसके बाद उनकी कड़ी आलोचना हुई. इसी विवाद के बाद ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर पोस्ट कर ब्रिटिश सैनिकों को श्रद्धांजलि दी. अपने पोस्ट में डोनाल्ड ट्रंप ने लिखा कि अफगानिस्तान में सेवा देने वाले ब्रिटेन के सैनिक दुनिया के सबसे महान योद्धाओं में शामिल हैं.
कभी टूट नहीं सकता US और ब्रिटेन के बीच का रिश्ता
उन्होंने माना कि इस युद्ध में 457 ब्रिटिश सैनिकों की मौत हुई और कई सैनिक गंभीर रूप से घायल हुए. ट्रंप ने लिखा कि यूनाइटेड किंगडम के महान और बहुत बहादुर सैनिक हमेशा अमेरिका के साथ रहेंगे. ट्रंप ने आगे कहा कि अमेरिका और ब्रिटेन के बीच का रिश्ता कभी टूट नहीं सकता. यह एक ऐसा बंधन है जो बहुत मजबूत है. उन्होंने ब्रिटिश सेना की तारीफ करते हुए लिखा कि यूके की सेना दिल और जज़्बे से भरी हुई है और दुनिया में किसी से कम नहीं है (सिवाय अमेरिका के) हम आप सभी से प्यार करते हैं और हमेशा करते रहेंगे.
ट्रंप का बयान अपमानजनक और बेहद शर्मनाक
इससे पहले ट्रंप ने दावा किया था कि अफगानिस्तान में NATO देशों के सैनिक फ्रंटलाइन से दूर रहते थे और असली लड़ाई अमेरिका ने लड़ी. इस बयान को ब्रिटेन और NATO सहयोगियों के लिए अपमानजनक माना गया. ट्रंप के उस बयान पर ब्रिटेन में कड़ी प्रतिक्रिया देखने को मिली. ब्रिटेन के प्रधानमंत्री सर कीर स्टारमर ने ट्रंप के बयान को अपमानजनक और बेहद शर्मनाक बताया. वहीं प्रिंस हैरी, जो खुद ब्रिटिश सेना में अफगानिस्तान में सेवा दे चुके हैं उन्होंने भी NATO सैनिकों के रिकॉर्ड का बचाव किया और कहा कि ब्रिटिश सैनिकों ने फ्रंटलाइन पर बहादुरी से लड़ाई लड़ी.
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