America-Iran Tensions : तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने अपने नागरिकों को तत्काल किसी भी हालत में ईरान छोड़ देने को कहा है. ऐसे में भारतीय दूतावास ने एडवाइजरी जारी की है. साथ ही भारतीय दूतावास ने अपने नागरिकों से कहा है कि वह किसी भी हालत में आज ईरान छोड़ दें. बता दें कि भारत के इस एडवाइजरी के बाद ईरान पर अमेरिकी हमले की आशंका और अधिक बढ़ गई है.
इस हमले को लेकर भारतीय दूतावास ने 23 फरवरी को जारी चेतावनी में कहा कि भारत सरकार द्वारा 5 जनवरी 2026 को जारी की गई एडवाइजरी के क्रम में और ईरान में विकसित हो रही हालात को देखते हुए वर्तमान में ईरान में मौजूद भारतीय नागरिकों (छात्र, तीर्थयात्री, व्यापारी और पर्यटकों) को उपलब्ध परिवहन साधनों (व्यावसायिक उड़ानों व अन्य) के जरिये आज ही ईरान छोड़ने की सलाह दी जाती है.
सर्बिया ने कहा
प्राप्त जानकारी के अनुसार सर्बिया ने जनवरी के मध्य में ही अपने नागरिकों को ईरान छोड़ने और वहां ना जाने की सलाह दी थी. ये भी बताया गया कि उस समय ईरान में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन चल रहे थे. इस मामले को लेकर सर्बिया के विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया से एक्स पर पोस्ट करते हुए बयान जारी किया कि “बिगड़ती सुरक्षा स्थिति के कारण, सर्बिया गणराज्य के नागरिकों को आने वाले समय में ईरान जाने की सलाह नहीं दी जाती है. सर्बिया ने स्पष्ट रूप से कहा कि नागरिकों को ईरान से तत्काल निकलने की जरूरत है.
हमले को लेकर स्वीडन ने दी सलाह
इस हमले की आशंका को लेकर स्वीडन की विदेश मंत्री मारिया माल्मर स्टेनगार्ड ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में ईरान में मौजूद स्वीडिश नागरिकों से अपील की है कि वो वहां से तुरंत निकल जाएं. उन्होंने बताया कि ईरान और पूरे क्षेत्र की स्थिति अत्यधिक अनिश्चित है. इसके साथ ही उन्होंने सलाह देते हुए कहा कि ईरान की यात्रा ना करें और जो लोग वहां हैं वो जल्द से जल्द निकलें. साथ ही उन्होंने इस बात पर जोर देते हुए कहा कि हवाई यात्रा और बॉर्डर क्रॉसिंग से अभी निकलना संभव है लेकिन जो लोग रुकना चुनते हैं यह उनकी जिम्मेदारी व्यक्तिगत होगी.
बातचीत बेनतीजा रही तो वो मिलिट्री स्ट्राइक…
कुछ ही समय पहले ईरान ने कहा था कि वो तेहरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम पर अमेरिका के साथ जल्द ही एक डील की उम्मीद कर रहा है. बता दें कि दोनों देशों के बीच यह कार्यक्रम काफी समय से दुश्मनी का प्रमुख कारण रहा है. ऐसे में ईरानी विदेश मंत्री ने संकेत देते हुए कहा कि जल्द ही एक प्रस्ताव तैयार किया जाएगा, जिस पर बातचीत हो सकती है. लेकिन, ट्रंप ने तेहरान पर दबाव बढ़ाने के लिए मिडिल ईस्ट में बड़े पैमाने पर नेवल बिल्ड-अप का आदेश दिया है. इसी बीच ट्रंप ने स्पष्ट करते हुए कहा कि अगर बातचीत बेनतीजा रही तो वो मिलिट्री स्ट्राइक पर विचार कर रहे हैं.
संघर्ष के मुहाने पर मध्य पूर्व
जानकारी के मुताबिक, सर्बिया और स्वीडन जैसे यूरोपीय देशों की यह चेतावनी अंतरराष्ट्रीय समुदाय में बढ़ती चिंता को दिखाती है. इतना ही नही बल्कि और भी कई अन्य देश भी अपने नागरिकों को ईरान से निकलने की सलाह दे चुके हैं. मध्य पूर्व बड़ा संघर्ष के मुहाने पर खड़ा है.
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