बांग्लादेश में राजनीति के बाद अब सेना में ‘तख्तापलट’, आर्मी चीफ की कम हुई शक्तियां

Aarti Kushwaha
Aarti Kushwaha
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
Must Read
Aarti Kushwaha
Aarti Kushwaha
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Bangladesh Army Reshuffle: बांग्लादेश में राजनीति के बाद अब सेना के भीतर उथलपुथल मचने के संकेत है. दरअसल, 8 सितंबर को जारी हुए सेना के कुछ प्रतिबंधित पोस्टिंग ऑर्डर्स ने ढाका के सैन्य हलकों में सनसनी फैला दी है. इन बदलावों के केंद्र में देश की बेहद संवेदनशील 46वीं स्वतंत्र इन्फैंट्री ब्रिगेड और कई प्रमुख सैन्य कमानें हैं. ऐसे में देश में ये बात चर्चा में बनी हुई है कि क्या यह फेरबदल सेना प्रमुख जनरल वकार-उज-जमान की शक्तियों और उनके ऑपरेशनल प्रभाव को धीरे-धीरे सीमित करने की एक सोची-समझी रणनीति है.

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इन तबादलों के पीछे असली रणनीतिकार कोई और है. रिपोर्ट्स की मानें तो प्रधानमंत्री के रक्षा सलाहकार ब्रिगेडियर (रिटायर्ड) एकेएम शमसुद्दीन इस्लाम इन पोस्टिंग के असली वास्तुकार हैं जिन्हें प्रधानमंत्री तारिक रहमान का पूरा समर्थन प्राप्त है. दरअसल, अप्रैल में प्रधानमंत्री के रक्षा सलाहकार को रक्षा मंत्रालय के साथ-साथ आर्म्ड फोर्सेस डिवीजन की अतिरिक्त जिम्मेदारी मिली, जिसके बाद से ही उनका प्रशासनिक कद काफी बढ़ गया है, जो इस सिविल-मिलिट्री चेन में साफ झलकता है.

ब्रिगेडियर (रिटायर्ड) शमसुद्दीन इस्लाम के नाम पर हलचल

हालांकि सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण बदलाव 46वीं इंडिपेंडेंट इन्फैंट्री ब्रिगेड में देखने को मिली, ये ब्रिगेड सीधे तौर पर आर्मी हेडक्वार्टर के अधीन काम करती है और ढाका की सुरक्षा और रणनीतिक व्यवस्था में इसकी भूमिका सबसे अहम मानी जाती है. ऐसे में मिलिट्री ट्रेनिंग डायरेक्टर से ब्रिगेडियर जनरल मोहम्मद हुमायूं कबीर को इस ब्रिगेड की कमान सौंप दी गई. चूंकि यह पद सामान्य प्रशासनिक जिम्मेदारी से कहीं अधिक संवेदनशील है इसलिए इस बदलाव ने मिलिट्री गलियारों में गहरी सुगबुगाहट पैदा कर दी है. इसके अलावा, मीरपुर स्थित छठी इंडिपेंडेंट एयर डिफेंस ब्रिगेड और 33वीं इन्फैंट्री डिवीजन के बीच भी सीनियर अधिकारियों का फेरबदल किया गया है जिससे पूरे कमांड आर्किटेक्चर में नए समीकरण बन गए हैं.

सीक्रेट मिलिट्री ऑर्डर के पीछे किसका हाथ है?

  • बता दें कि 8 सितंबर को बांग्लादेश सेना में कुछ गोपनीय ट्रांसफर और पोस्टिंग के आदेश जारी किए गए, जिसमें ढाका की बेहद संवेदनशील 46वीं इंडिपेंडेंट इन्फैंट्री ब्रिगेड और एयर डिफेंस जैसी अहम यूनिट्स के कमांडर्स को बदल दिया गया.
  • ऐसे में कहा जा रहा है कि यह पूरा फेरबदल सेना प्रमुख जनरल वकार-उज़-जमान के पर कतरने और उनकी ऑपरेशनल शक्तियों को धीरे-धीरे सीमित करने के लिए किया गया है.
  • हालांकि यह आदेश सेना प्रमुख के नाम से जारी किए हैं, लेकिन रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसके पीछे प्रधानमंत्री के रक्षा सलाहकार ब्रिगेडियर (रिटायर्ड) एकेएम शमसुद्दीन इस्लाम का हाथ है जिन्हें प्रधानमंत्री तारिक रहमान का पूरा समर्थन प्राप्त है.
  • 46वीं ब्रिगेड ढाका में स्थित देश की सबसे अहम सैन्य इकाई है, इसलिए यहाँ किसी नए अधिकारी की नियुक्ति का सीधा असर देश की सत्ता और सैन्य समीकरणों पर पड़ता है.
  • नॉर्थ ईस्ट न्यूज के मुताबिक भले ही आधिकारिक दस्तावेजों में इसे नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया बताया जा रहा हो लेकिन टाइमिंग और कमांड की नब्ज पर हो रहे इन बदलावों ने यह साफ कर दिया है कि बांग्लादेश की सत्ता और सेना के बीच सब कुछ सामान्य नहीं है.

वहीं, जनरल वकार-उज-जमान के पर कतरे जाने की इन कोशिशों से और इन बदलावों से साफ तौर पर जाहिर होता है कि ढाका के आस-पास ऑपरेशनल और संस्थागत नियुक्तियों के बीच सीनियर कमांड संबंधों का फिर से बंटवारा. इस दौरान बांग्लादेश सेना के सूत्रों के मुताबिक, इससे जनरल जमान के पास पहले जो व्यापक अधिकार थे वे काफी कम हो गए हैं.

Latest News

Moradabad News: डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने जिला अस्पताल का किया निरीक्षण, अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

Moradabad News:: उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने शनिवार को मुरादाबाद के पंडित दीनदयाल उपाध्याय...

More Articles Like This