Minsk: यूरोप में लगातार बढ़ते तनाव के बीच बेलारूस के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लुकाशेंको ने कहा है कि उनका देश अब शांति के समय में नहीं है, बल्कि युद्ध की तैयारी कर रहा है. बेलारूस, रूस का करीबी सहयोगी है और उसने यूक्रेन युद्ध के दौरान मॉस्को का समर्थन भी किया है. यह बयान नाटो और पश्चिमी देशों के लिए चिंता का विषय बन गया है.
बयानबाजी नहीं, बल्कि एक रणनीतिक संकेत
लुकाशेंको ने सैन्य अधिकारियों के साथ बैठक में स्पष्ट कहा कि बेलारूस युद्ध नहीं चाहता, लेकिन आस-पास के हालात को देखते हुए तैयार रहना जरूरी है. विशेषज्ञों का मानना है कि यह बयान सिर्फ बयानबाजी नहीं, बल्कि एक रणनीतिक संकेत हो सकता है. इससे यह साफ होता है कि बेलारूस अपनी सेना को मजबूत कर रहा है और किसी भी संभावित संघर्ष के लिए तैयार रहना चाहता है. बेलारूस की सीमाएं सीधे रूस और यूक्रेन के पास हैं, साथ ही कई NATO देशों के भी करीब हैं.
नाटो और पश्चिमी देशों के लिए चिंता
बेलारूस के राष्ट्रपति लुकाशेंको का यह बड़ा और चौंकाने वाला बयान नाटो और पश्चिमी देशों के लिए चिंता का विषय बन गया है. इसका असर आम जनता पर भी पड़ सकता है जैसे ज्यादा सैन्य अभ्यास, रक्षा बजट में बढ़ोतरी और सुरक्षा नियमों का सख्त होना. लोगों के जीवन में अस्थिरता बढ़ सकती है. फिलहाल यह साफ नहीं है कि बेलारूस सीधे किसी युद्ध में शामिल होगा या सिर्फ अपनी सुरक्षा मजबूत कर रहा है. लेकिन इतना जरूर है कि इस बयान ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल मचा दी है और आने वाले दिनों में हालात पर सबकी नजर रहेगी.
बड़ा भू-राजनीतिक झटका
उत्तर कोरिया में 2026 की एक रिपोर्ट के अनुसार, लुकाशेंको ने उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन के साथ मुलाकात के दौरान उत्तर कोरिया में मित्रता एवं सहयोग संधि पर हस्ताक्षर कर पश्चिम के सामने एक बड़ा भू-राजनीतिक झटका दिया है. उन्होंने किम को बेलारूस में बनी असॉल्ट राइफल उपहार में दी और मजाक में कहा कि यह दुश्मनों के आने पर काम आएगी.
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