भारत और इक्वाडोर के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है. भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बुधवार को इक्वाडोर की विदेश मंत्री गैब्रिएला सोमरफेल्ड से मुलाकात की. इस दौरान दोनों नेताओं ने व्यापार, कृषि और कैपेसिटी बिल्डिंग जैसे अहम क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की. इसके अलावा, भारत दौरे के दौरान गैब्रिएला सोमरफेल्ड ने राजघाट पहुंचकर महात्मा गांधी को पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी.
विदेश मंत्री जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “इक्वाडोर की विदेश मंत्री गैब्रिएला सोमरफेल्ड रोसेरो का स्वागत करते हुए खुशी हो रही है, जो भारत के अपने पहले दौरे पर हैं. हमने व्यापार, स्वास्थ्य, कृषि, डिजिटल और कैपेसिटी बिल्डिंग सहित सहयोग को गहरा करने के तरीकों पर चर्चा की. बहुपक्षीय फोरम में मिलकर सहयोग करेंगे.”
वैश्विक पहल में जुड़ने की प्रक्रिया शुरू
विदेश मंत्री जयशंकर ने इक्वाडोर के उस फैसले का स्वागत किया, जिसमें उसने अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन और इंटरनेशनल बिग कैट एलायंस में शामिल होने की प्रक्रिया शुरू की है. उन्होंने बताया कि इक्वाडोर पहले से ही आपदा-रोधी अवसंरचना गठबंधन का सदस्य है.
विकास परियोजनाओं के लिए समझौता
विदेश मंत्री जयशंकर ने यह भी जानकारी दी कि क्विक इम्पैक्ट प्रोजेक्ट्स को लागू करने के लिए फंडिंग को लेकर समझौता हो गया है. उन्होंने कहा, “क्विक इम्पैक्ट प्रोजेक्ट्स को लागू करने के लिए फंडिंग को लेकर समझौता हमारी विकास साझेदारी को और गहरा करने की दिशा में एक कदम है.”
तीन दिन के दौरे पर भारत पहुंचीं सोमरफेल्ड
इक्वाडोर की विदेश मंत्री गैब्रिएला सोमरफेल्ड द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के मकसद से भारत की तीन दिन की यात्रा पर नई दिल्ली पहुंचीं. भारत के विदेश मंत्रालय ने कहा, “इक्वाडोर की विदेश मंत्री और ह्यूमन मोबिलिटी मंत्री गैब्रिएला सोमरफेल्ड रोसेरो का आज नई दिल्ली पहुंचने पर हार्दिक स्वागत है. उनकी यात्रा से भारत और इक्वाडोर के बीच संबंध और मजबूत होंगे.”
पहले भी बढ़ा है सहयोग
इससे पहले नवंबर में भारत के मंत्री स्तर के प्रतिनिधि इक्वाडोर के दौरे पर गए थे, जहां दोनों देशों के बीच कृषि, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सिक्योरिटी, शिक्षा, संस्कृति, पर्यटन, व्यापार, टेक्सटाइल, स्वास्थ्य और फार्मास्यूटिकल्स जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई थी. दोनों देशों के बीच राजनयिक प्रशिक्षण संस्थानों के सहयोग को लेकर समझौता हुआ था और क्विटो में भारत के स्थायी दूतावास का उद्घाटन भी किया गया था.
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