New Delhi: अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ईरान शांति वार्ता के लिए पाकिस्तान पहुंचने वाले हैं. वहीं जेडी वेंस को खुश करने के लिए पाकिस्तान ने भारत की नकल कर अपना वीवीआईपी सिक्योरिटी प्रोटोकॉल तैयार किया है. पाकिस्तान न केवल अपने वीवीआईपी की सिक्योरिटी के लिए भारतीय ब्लू बुक से तैयार किए गए प्रोटोकॉल को लागू करता है, बल्कि विदेशी मेहमानों की मेजबानी के लिए भी उसे इस भारतीय प्रोटोकॉल बुक पर निर्भर रहना पड़ता है.
तैयार किया गया सीक्रेट मैनुअल
हैरान करने वाली बात यह है कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और राजीव गांधी की हत्या के बाद भारतीय गृह मंत्रालय ने अपनी ब्लू बुक को नया स्वरूप दे दिया. लेकिन पाकिस्तान आज भी उसी 1947 वाली ब्लू बुक के आधार पर अपने वीवीआईपी को प्रोटोकॉल दे रहा है. भारत में ‘ब्लू बुक’ गृह मंत्रालय की ओर से तैयार किया गया ऐसा सीक्रेट मैनुअल है, जिसमें वीवीआईपी के सिक्योरिटी प्रोटोकॉल के बारे में विस्तार में बताया गया है.
कैसी होगी वीवीआई की सुरक्षा
यह ब्लू बुक राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और विदेशी राष्ट्राध्यक्षों के कार्यक्रम के दौरान लागू की जाती है. इस सीक्रेट मैनुअल में बताया गया है कि वीवीआई की सुरक्षा कैसी होगी, उसका रूट प्लान क्या रहेगा, सुरक्षा एजेंसियां आपस में कार्डिनेट कैसे करेंगी, इमरजेंसी रिस्पॉन्स प्ला क्या होगा. इतना ही नहीं, ब्लू बुक में यह भी बताया जाता है कि किस मौके पर वीवीआईपी के कार की कितनी स्पीड होगी. उनके आगमन पर उन्हें कौन रिसीव करने जाएगा.
प्रोटोकॉल का गंभीर उल्लंधन
साथ ही कार्यक्रम के दौरान किस एजेंसी को क्या करना है और क्या नहीं करना है. वीवीआईपी के प्रोग्राम के दौरान वरिष्ठ प्रशासनिक और सुरक्षा अधिकारी इसी ब्लू बुक का अक्षरश: पालन करते हैं. ब्लू बुक से इतर कुछ भी करना प्रोटोकॉल का गंभीर उल्लंधन माना जाता है. पाकिस्तान में ब्लू बुक को लागू करने की जिम्मेदारी इंटीरियर मिनिस्ट्री और मिलिट्री के पास होती है. पाकिस्तान में ब्लू बुक पूरी तरह से मिलिट्री सेंट्रिक हो गई है.
इसे भी पढ़ें. मथुरा में बड़ा हादसा: यमुना में पुल से टकराकर पलटी नाव, 10 श्रद्धालुओं की मौत, CM योगी ने जताया शोक