China Donates Moon Dust: चीन ने अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है. चीन ने संयुक्त राष्ट्र को वो मिट्टी और चट्टानों के नमूने सौंप दिया है जो चंद्रमा के उस हिस्से से लाए गए थे, जिसे पृथ्वी से सीधे देख पाना संभव नहीं है. इस दौरान खास बात यह है कि मानव इतिहास में पहली बार चंद्रमा के इसी दूर वाले हिस्से से नमूने पृथ्वी पर लाए गए हैं और ये रिकॉर्ड चीन के नाम पर है. बता दें कि ये नमूने चीन के चांग’ई-6 मिशन के जरिए चंद्रमा के अंधेर और दूर के हिस्से साउथ पोल से धरती पर लाए गए थे.
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China Donates Moon Dust
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दरअसल, वियना स्थित संयुक्त राष्ट्र कार्यालय में सोमवार को इन नमूनों का औपचारिक अनावरण किया गया, जिन्हें अब संयुक्त राष्ट्र कार्यालय में स्थायी रूप से प्रदर्शित किया जाएगा. इस मौके पर चीन और संयुक्त राष्ट्र के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे. इस दौरान चीन राष्ट्रीय अंतरिक्ष प्रशासन के शान झोंगदे ने कहा कि अंतरिक्ष की खोज पूरी मानवता का साझा सपना है. शान झोंगदे के मुताबिक, चांग’ई मिशन केवल चीन की उपलब्धि नहीं, बल्कि पूरी मानवता की वैज्ञानिक यात्रा का हिस्सा है.
रिपोर्ट के मुताबिक, इन नमूनों को संयुक्त राष्ट्र को सौंपना चीन की तरफ से अंतरिक्ष के शांतिपूर्ण इस्तेमाल और बहुपक्षीय सहयोग के प्रति प्रतिबद्धता का संकेत है, जिसकी संयुक्त राष्ट्र की अधिकारी घादा वाली ने भी सराहना की. घादा वाली ने इसे इंसान की तकनीकी क्षमता और ब्रह्मांड को समझने की जिज्ञासा का प्रतीक बताया. वहीं संयुक्त राष्ट्र बाहरी अंतरिक्ष मामलों के कार्यालय की निदेशक आरती होला-मैनी ने कहा कि यह पहल अंतरिक्ष को पूरी मानवता की साझा विरासत और जिम्मेदारी के रूप में देखने की सोच को मजबूत करती है.
बता दें कि चांग’ई-6 मिशन ने साल 2024 में धरती तक लगभग 3 लाख 80 हजार किलोमीटर से अधिक दूरी की यात्रा करके चंद्रमा के साउथ पोल-एटकेन बेसिन से करीब 1,935.3 ग्राम नमूने एकत्र किए थे, जिसकी अहमियत वैज्ञानिकों के लिए बेहद ज्यादा है.
दरअसल, चंद्रमा का दूर वाला हिस्सा पृथ्वी की तरफ हमेशा अपना एक ही भाग रखने के कारण सीधे हमारी नजरों में नहीं आता. ऐसे में वहां की मिट्टी और चट्टानों का अध्ययन वैज्ञानिकों को चंद्रमा के निर्माण, उसके शुरुआती इतिहास और वहां की भूगर्भीय गतिविधियों कोसंयुक्त राष्ट्र को इन नमूनों का दान केवल वैज्ञानिक उपलब्धि नहीं है. यह अंतरिक्ष कूटनीति के लिहाज से भी महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.

