China Norovirus Outbreak: चीन के स्कूल में नोरोवायरस का प्रकोप, 100 से ज्यादा छात्र बीमार, क्लासें बंद

Shivam
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

China Norovirus Outbreak: चीन के उत्तरी हिस्से में स्थित शांक्सी प्रांत की राजधानी ताइयुआन के एक प्राइमरी स्कूल में अचानक बड़ी संख्या में छात्रों के बीमार होने का मामला सामने आया है. बुधवार सुबह शियाओडियन जिले के युकाई प्राइमरी स्कूल में कई बच्चों में उल्टी और दस्त जैसे लक्षण देखे गए, जिसके बाद स्वास्थ्य अधिकारियों ने जांच शुरू की. शुरुआती जांच में नोरोवायरस संक्रमण की पुष्टि हुई है.

100 से ज्यादा छात्र प्रभावित, क्लासें बंद

स्थानीय शिक्षा विभाग के अनुसार, 100 से अधिक छात्रों ने बीमारी के चलते छुट्टी ली है. प्रभावित स्कूल में एहतियात के तौर पर कक्षाएं अस्थायी रूप से रोक दी गई हैं. हालांकि पढ़ाई बाधित न हो, इसके लिए छात्रों को ऑनलाइन माध्यम से पढ़ाया जा रहा है. अधिकारियों ने कहा कि प्रभावित छात्रों की सटीक संख्या का आकलन अभी जारी है.

स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, जांच तेज

स्वास्थ्य अधिकारियों ने स्कूल परिसर में डिसइंफेक्शन प्रक्रिया शुरू कर दी है और बीमारी के स्रोत का पता लगाने के लिए एपिडेमियोलॉजिकल जांच जारी है. यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि संक्रमण कैसे फैला और किन कारणों से इतने बच्चे प्रभावित हुए.

क्या है नोरोवायरस?

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, नोरोवायरस एक अत्यधिक संक्रामक वायरस है, जो एक्यूट गैस्ट्रोएंटेराइटिस यानी पेट और आंतों की सूजन का प्रमुख कारण है. इसके मुख्य लक्षणों में अचानक उल्टी, दस्त, पेट दर्द और कमजोरी शामिल हैं. इसे आम भाषा में “पेट का फ्लू” भी कहा जाता है, हालांकि इसका इन्फ्लूएंजा वायरस से कोई संबंध नहीं होता.

दुनिया भर में करोड़ों लोग होते हैं प्रभावित

हर साल दुनियाभर में करीब 685 मिलियन नोरोवायरस के मामले सामने आते हैं, जिनमें लगभग 200 मिलियन मामले 5 साल से कम उम्र के बच्चों के होते हैं. इस संक्रमण के कारण हर साल करीब 2 लाख लोगों की मौत होती है, जिनमें बड़ी संख्या बच्चों की होती है.

डिहाइड्रेशन का खतरा सबसे बड़ा

विशेषज्ञों के अनुसार, नोरोवायरस से संक्रमित व्यक्ति को दिन में कई बार उल्टी और दस्त हो सकते हैं, जिससे शरीर में पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ जाता है. यह स्थिति छोटे बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों के लिए ज्यादा खतरनाक हो सकती है.

1–3 दिन में ठीक, लेकिन फैलाव का खतरा

अधिकांश मामलों में मरीज 1 से 3 दिनों के भीतर ठीक हो जाते हैं, लेकिन संक्रमण फैलने का खतरा कुछ दिनों तक बना रहता है. इसलिए संक्रमित व्यक्ति को अलग रखना और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना जरूरी होता है.

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