Geneva: इस साल 1 जनवरी से 17 अगस्त के बीच 31 देशों में हैजा के 4,09,000 मामले आए हैं जबकि, 4,738 मौतें दर्ज की गईं हैं. जिनमें से छह देशों में मृत्यु दर 1 प्रतिशत से अधिक रही. लेटेस्ट डिजीज आउटब्रेक न्यूज के मुताबिक ये चौकाने वाले आंकडें हैं. WHO ने कहा है कि हैजे के मामलों की संख्या में लगातार वृद्धि हुई है. 2023 में 45 देशों में कुल 535,321 मामले और 4007 मौतें दर्ज की गईं थी.
हैजा को रोकने के लिए निगरानी को मजबूत करने की अपील
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) का मानना है कि संघर्ष और गरीबी के कारण हैजा का प्रकोप कई देशों में बढ़ रहा है. इसके साथ ही यह वैश्विक स्तर पर एक महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती बन गया है. हैजा के प्रसार को रोकने के लिए WHO ने निगरानी को मजबूत करने की अपील की है. मामलों के प्रबंधन में सुधार लाने, जल, स्वच्छता और स्वास्थ्य हस्तक्षेपों को बढ़ाने, टीकाकरण अभियान चलाने और जन स्वास्थ्य उपायों को लागू करने के लिए सीमा पार समन्वय बढ़ाने की भी सिफारिश की है.
स्वास्थ्य सेवा की पहुंच सीमित
रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि संघर्ष, बड़े पैमाने पर विस्थापन, प्राकृतिक आपदाएं और जलवायु परिवर्तन, विशेष रूप से ग्रामीण और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में, जहां बुनियादी ढांचा कमजोर है और स्वास्थ्य सेवा की पहुंच सीमित है, हैजा के प्रसार को बढ़ावा दे रहे हैं. इन सीमा- पार चुनौतियों ने हैजा प्रकोप को और अधिक जटिल और नियंत्रित करना कठिन बना दिया है.
साफ- सफाई और स्वच्छता तक पहुंच सुनिश्चित करना है
WHO के अनुसार वर्तमान हैजा आपातकाल को खत्म करने और भविष्य में ऐसी महामारियों को रोकने का एकमात्र स्थायी और दीर्घकालिक समाधान सुरक्षित पेयजल, साफ- सफाई और स्वच्छता तक पहुंच सुनिश्चित करना है. हैजा के मामलों की संख्या और गंभीरता को देखते हुए इसके एक देश से दूसरे देश और साथ ही देश के भीतर भी फैलने का खतरा बहुत अधिक है. कुछ देशों में हैजा का प्रकोप नियमित रूप से होता रहता है. अन्य देशों में ये कम बार होते हैं और प्रकोपों के बीच कई साल लग सकते हैं.
इसे भी पढ़ें. Bihar Crime: संपत्ति विवाद की भेंट चढ़ी दो जिंदगी, एक को मारी गोली, दूसरे को जिंदा जलाया