एक बार फिर करोना के चपेट में होगी पूरी दुनिया! हांगकांग और सिंगापुर में बढ़े कोविड-19 के मामले, टेंशन में स्‍वास्‍थ्‍य अधिकारी

Aarti Kushwaha
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Coronavirus: साल 2020 में चीनी लैब से निकले कोविड-19 ने पूरी दुनिया में हाहाकार मचा दिया था, आलम ये था कि दुनिया के ज्‍यादातर देशों में लॉकडाउन घोषित किया गया था, ऐसे में मानों पूरी दुनिया की रफ्तार थम-सी गई थी. लोगों में दहशत का माहौल था. वहीं, कोविड-19 ने एक बार फिर एशिया में दस्‍तक‍ दे दी है. हांगकांग और सिंगापुर में कोरोना के केस पाए गए हैं. कोविड के मामलों में उछाल ने पूरे एशिया में फिर से उभरने वाली लहर का संकेत दिया है. इससे स्वास्थ्य अधिकारियों की भी टेंशन बढ़ी हुई है.

हांगकांग के स्वास्थ्य संरक्षण केंद्र की संचारी रोग शाखा के प्रमुख अल्बर्ट औ के अनुसार, हांगकांग में वायरस की गतिविधि काफी बड़े स्तर पर पहुंच गई है. उन्‍होंने बताया कि बीते एक साल में कोविड-19 के लिए पॉजिटिव मामलों का प्रतिशत उच्च स्तर पर पहुंच गया है, जिससे ययह पता चलता है कि मौतों समेत गंभीर मामलों में चिंताजनक वृद्धि हुई है, जो लगभग एक साल में अपने पीक प्वाइंट पर पहुंच गई है.

हांगकांग के सिंगर ने कैंसिल किया कॉन्सर्ट

रिपोर्ट के मुताबिक, 3 मई को समाप्‍त हुए सप्‍ताह में 31 मामले कसामने आए है. वहीं, कॉन्सर्ट के आधिकारिक वीबो अकाउंट पर एक पोस्ट के मुताबिक, हांगकांग के गायक ईसन चैन ने कोविड-19 के मामलों में वृद्धि को लेकर ताइवान के काऊशुंग में अपने म्यूजिक कॉन्सर्ट को रद्द कर दिया, जो इस सप्ताह के अंत में होने वाला था.

सिंगापुर में क्या है हाल?

हांगकांग के साथ ही सिंगापुर भी हाई अलर्ट पर है. हाल ही में स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक साल में संक्रमण संख्या पर अपना पहला अपडेट जारी किया है, जिसमें 3 मई को खत्म हुए सप्ताह में अनुमानित मामलों में 28 प्रतिशत की महत्वपूर्ण वृद्धि हुई है, जिसमें बाद कुल मामलों की संख्‍या 14,200 हो गई है. वहीं, अस्पताल में भर्ती होने वालों की संख्या में भी करीब 30 प्रतिशत की वृद्धि हुई है.

वहीं, सिंगापुर के स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि अभी कोई संकेत नहीं है कि परिसंचारी वेरिएंट ज्यादा संक्रामक हैं या महामारी के दौरान की तुलना में अधिक गंभीर मामले पैदा करते हैं.

कोरोना के बढ़ते मामलों ने बढ़ाई चिंता

बता दें कि आमतौर पर सर्दी के मौसम में सांस संबंधित वायरस ज्यादा सक्रिय होता है लेकिन इस बार गर्मी की शुरुआत में ही कोरोना के मामले बढ़ने लगे हैं. इससे साफ-साफ स्‍पष्‍ट होता है कि एक बार फिर कोविड-19 दुनिया को अपने चपेट में ले सकती है.

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