New Delhi: भारतीय क्रिकेट टीम के हेड कोच गौतम गंभीर ने टेस्ट में प्रदर्शन और रैंकिंग को लेकर उठ रहे सवालों पर बेबाक अंदाज में अपनी बात रखी. गंभीर ने श्रीलंका के खिलाफ कोलंबो में 23 अगस्त से शुरू होने वाले दूसरे टेस्ट मैच से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में साफ कहा कि उनका काम लोगों को खुश करने के लिए लाइक्स और व्यूज जुटाना नहीं, बल्कि टीम को ट्रॉफियां जिताना है. इस पर कहा कि भारतीय टीम खराब प्रदर्शन नहीं कर रही, बल्कि बदलाव के दौर से गुजर रही है और ऐसे समय में कुछ उतार-चढ़ाव स्वाभाविक हैं.
मैदान पर प्रदर्शन और खिताब जीतने पर फोकस
गंभीर का कहना है कि टीम को लेकर बाहर क्या बातें हो रही हैं, इससे उन्हें फर्क नहीं पड़ता. उनके मुताबिक टीम मैनेजमेंट का फोकस सोशल मीडिया की प्रतिक्रियाओं के बजाय मैदान पर प्रदर्शन और खिताब जीतने पर है. उन्होंने कहा कि मेरा काम ट्रॉफी जिताना है, लाइक्स और व्यूज हासिल करना नहीं. टेस्ट टीम की रैंकिंग और हालिया प्रदर्शन पर गंभीर ने ‘संघर्ष’ शब्द को खारिज कर दिया. उन्होंने कहा कि टीम मुश्किल में नहीं है, बल्कि ट्रांजिशन यानी बदलाव के दौर से गुजर रही है.
रैंकिंग बहुत मायने नहीं रखती
उनका कहना है कि इस दौरे में हो सकता है कुछ नतीजे उम्मीद के मुताबिक न रहें. गंभीर ने कहा कि रैंकिंग बहुत मायने नहीं रखती. इंग्लैंड सीरीज के बाद टीम के लगातार अच्छा क्रिकेट खेल रही है. कुछ उतार-चढ़ाव के बावजूद टीम ने निरंतरता दिखाई है. गंभीर का मानना है कि जब किसी टीम में बदलाव होता है तो हर मैच में एक जैसा प्रदर्शन करना संभव नहीं होता. उन्होंने कहा कि इस दौरान कुछ उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकते हैं, लेकिन इसे टीम के संघर्ष के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए.
टीम चयन को लेकर भी नजरिया साफ
उनका जोर इस बात पर है कि भारतीय टीम बदलाव के दौर से गुजरते हुए भी अपने खेल को लगातार बेहतर बनाए. गंभीर ने टीम चयन को लेकर भी अपना नजरिया साफ किया. उन्होंने कहा कि प्लेइंग-11 का फैसला इस आधार पर होगा कि कौन सा बॉलिंग कॉम्बिनेशन टीम को टेस्ट मैच में 20 विकेट निकालकर देगा. उन्होंने कुलदीप यादव को अच्छा गेंदबाज बताते हुए यह भी संकेत दिया कि अंतिम फैसला परिस्थितियों और कप्तान की रणनीति पर निर्भर करेगा.
इसे भी पढ़ें. छत्तीसगढ़ में हादसा: ट्रक और पिकअप की टक्कर, तीन मजदूरों की मौत, आठ घायल