चीन में राष्ट्रीय सुरक्षा के मामले में मीडिया टाइकून लाई पाए गए दोषी, कोर्ट ने सुनाया ऐतिहासिक फैसला

Beijing: चीन में बीजिंग के मुखर आलोचक जिम्मी लाई को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े एक ऐतिहासिक मामले में शहर की अदालत ने दोषी ठहराया है. सजा के संबंध में फैसला बाद में सुनाया जाएगा. हालांकि लाई ने खुद को निर्दोष बताया है. हांगकांग की मशहूर मीडिया हस्ती रहे और बीजिंग के मुखर आलोचक 78 वर्षीय जिम्मी लाई को सरकार द्वारा नियुक्त तीन न्यायाधीशों ने सुरक्षा को खतरे में डालने के लिए विदेशी ताकतों के साथ मिलीभगत करने और राजद्रोहपूर्ण लेख प्रकाशित करने की साजिश रचने का दोषी पाया.

लाई की रिहाई सुनिश्चित करने को प्राथमिकता

उधर, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्होंने यह मामला चीन के समक्ष उठाया है जबकि ब्रिटेन के प्रधानमंत्री केअर स्टार्मर ने कहा कि उनकी सरकार ने ब्रिटिश नागरिक लाई की रिहाई सुनिश्चित करने को प्राथमिकता दी है. माना जा रहा है कि हांगकांग के राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत लाई को आजीवन कारावास की सजा हो सकती है. लाई को बीजिंग द्वारा लागू किए गए राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत अगस्त 2020 में गिरफ्तार किया गया था. यह कानून 2019 में हुए व्यापक सरकार-विरोधी प्रदर्शनों के बाद लागू किया गया था.

लाई को कई छोटे अपराधों में सजा

हिरासत में बिताए गए पांच वर्षों के दौरान लाई को कई छोटे अपराधों में सजा सुनाई गई है. सुनवाई के दौरान उपस्थित लोगों में लाई की पत्नी और पुत्र के साथ-साथ हांगकांग के रोमन कैथोलिक कार्डिनल जोसेफ जेन भी मौजूद थे. लाई पहले की तुलना में अधिक कमजोर और दुबले दिखाई देने लगे हैं. लाई के खिलाफ इस मुकदमे पर अमेरिका, ब्रिटेन, यूरोपीय संघ और राजनीतिक पर्यवेक्षकों की करीबी नजर रही है. लाई के खिलाफ फैसला बीजिंग के कूटनीतिक संबंधों की भी एक परीक्षा माना जा रहा है.

विदेशी शक्तियों से मिलीभगत की साजिश

अब बंद हो चुके लोकतंत्र समर्थक अखबार एप्पल डेली के संस्थापक को राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालने के लिए विदेशी शक्तियों से मिलीभगत की साजिश के दो आरोपों में दोषी ठहराया गया है. इसके अलावा उन पर राजद्रोहपूर्ण प्रकाशनों के वितरण की साजिश का एक आरोप भी साबित हुआ है. हांगकांग के व्यापक राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत विदेशी शक्तियों से मिलीभगत का आरोप सिद्ध होने पर अपराध की प्रकृति और उसमें भूमिका के आधार पर तीन साल की कैद से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा हो सकती है.

दो साल की कैद का प्रावधान

वहीं राजद्रोह के जुर्म में अधिकतम दो साल की कैद का प्रावधान है. एप्पल डेली हांगकांग सरकार और सत्तारूढ़ चाइनीज कम्युनिस्ट पार्टी का मुखर आलोचक रहा है. पुलिस द्वारा उनके समाचार कक्ष पर 2021 में छापा मारे जाने, वरिष्ठ पत्रकारों को गिरफ्तार किए जाने और संपत्तियां जब्त किए जाने के बाद उन्हें अखबार को बंद करना पड़ा था.

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