मॉर्गन स्टेनली ने घटाई भारतीय बाजार की रेटिंग! मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच देश को झटका

New Delhi: अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते युद्ध और तनाव के बीच भारतीय शेयर बाजार में चिंताजनक स्थिति बन गई है. ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म मॉर्गन स्टेनली ने एशियाई बाजारों को लेकर सतर्क रुख अपनाते हुए भारत की रेटिंग घटा दी है. ब्रोकरेज ने अपने नए पोर्टफोलियो बदलाव में भारतीय बाजार की रेटिंग घटाकर ‘इक्वल वेट’ कर दी है. उधर, विश्लेषकों का मानना है कि लंबी अवधि में भारत के बाजार की संभावनाएं अभी भी मजबूत हैं.

निवेशकों को वेटेज देने की सलाह 

निवेश की भाषा में इसका मतलब है कि फिलहाल भारत को औसत स्तर पर रखा गया है यानी निवेशकों को ज्यादा या कम वेटेज देने की सलाह नहीं दी गई है.  ब्रोकरेज को आशंका है कि अगर Strait of Hormuz के जरिए तेल और गैस की सप्लाई में रुकावट जारी रहती है तो इसका सबसे गंभीर असर भारत पर पड़ सकता है.

बढ़ सकती हैं एलएनजी की कीमतें

रिपोर्ट के अनुसार एशियाई देश अभी भी कच्चे तेल, रिफाइंड प्रोडक्ट्स और एलएनजी के लिए मिडिल ईस्ट पर काफी निर्भर हैं. खासकर भारत के लिए खतरा ज्यादा है, क्योंकि देश के 40% से अधिक कच्चे तेल का आयात इसी मार्ग से होता है. अगर होर्मुज जलडमरूमध्य में लंबे समय तक बाधा रहती है तो तेल और एलएनजी की कीमतें बढ़ सकती हैं, जिससे ऊर्जा आयात करने वाले देशों पर दबाव बढ़ेगा.

बाजारों से भी अरबों डॉलर की निकासी

इसी बीच वैश्विक निवेशक भी उभरते बाजारों से पैसा निकाल रहे हैं. रिपोर्ट के मुताबिक युद्ध शुरू होने के बाद विदेशी निवेशकों ने भारत से करीब 1.3 अरब डॉलर निकाल लिए हैं. वहीं ताइवान और दक्षिण कोरिया जैसे बाजारों से भी अरबों डॉलर की निकासी देखी गई है. अगर टेक सेक्टर में मौजूदा अनिश्चितता कम होती है और एशिया के अन्य बाजारों में वैल्यूएशन ऊंचे स्तर पर पहुंच जाते हैं तो वैश्विक निवेशक दोबारा भारत की ओर रुख कर सकते हैं.

इसे भी पढ़ें. Middle East Tension: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव पर बोले राजनाथ सिंह- ‘अभी असामान्य हैं हालात…’

Latest News

Shardiya Navratri 2026: मां अम्बे के चरणों में सिर झुका लो…, नवरात्रि पर अपनों को भेजें ये शुभ संदेश

Shardiya Navratri 2026: हिंदू धर्म में नवरात्रि का विशेष महत्व है. प्रत्येक वर्ष कुल चार बार नवरात्रि आती है....

More Articles Like This

Exit mobile version