Iran US War: ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के 6 दिन बाद अमेरिकी हमले को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है. दरअसल, खामेनेई को मारने के लिए इजराइल और अमेरिका ने ब्लू स्पैरो मिसाइल का इस्तेमाल किया था, जिसका हमला इतना तेज था कि सुप्रीम लीडर के घर के नीचे बनें बंकर भी ध्वस्त हो गए. इजराइली अधिकारियों का कहना है कि अयातुल्ला को मारने के लिए 30 मिसाइलों का उपयोग किया गया.
रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायली अधिकारियों ने हमले से पहले अपना मुख्यालय छोड़ दिया, जिससे हमले को लेकर किसी को शक न हो. इसके बाद ब्लू स्पैरो मिसाइल को तेहरान के उस घर की तरफ भेजा गया, जहां बैठकर खामेनेई मीटिंग कर रहे थे.
हमले से पहले वायुमंडल से ऊपर गया मिसाइल
बताया जा रहा है कि हमला करने से पहले ब्लू स्पैरो मिसाइल वायुमंडल से ऊपर सातवें आसमान पर पहुंचा. इसके बाद यह मिसाइल तेहरान में सीधे खामेनेई के सरकारी आवास पर जाकर गिरा. उस वक्त खामेनेई अपने सलाहकार अली खामेनेई और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड के प्रमुख मोहम्मद पाकपूर के साथ मीटिंग कर रहे थे.
स्कड मिसाइल की कॉपी है ब्लू स्पैरो मिसाइल
ब्लू स्पैरो मिसाइल स्कड मिसाइल की कॉपी है. यह 1,240 मील (करीब 1500 किमी) तक मार करने में सक्षम है, जिसका वजन 1900 किलोग्राम होता है. इसमें सॉलिड फ्यूल रॉकेट वाला ईंधन का इस्तेमाल किया जाता है. वहीं, एक बार हवा में उडने के बाद मिसाइल के वारहेड से रॉकेट बूस्टर अलग हो जाते हैं. इस मिसाइल को एफ-15 से छोड़ा जाता है.
तेहरान में अली खामेनेई की हत्या कैसे की गई?
बत दें कि खामेनेई को मारने के लिए सीआईए और मोसाद ने संयुक्त ऑपरेशन तैयार किया, जिसके लिए जासूस तैनात किया गया था. इन जासूसों ने पहले खामेनेई की जानकारी इकट्ठा की और ईरान पर अमेरिकी हमले के बाद सबसे पहले सुप्रीम लीडर को ही टारगेट करने का फैसला किया गया.
28 फरवरी को जब खामेनेई अपने आवास पर बैठक कर रहे थे, तभी उनके घर पर हमला कर दिया गया. इस हमले में खामेनेई, उनकी पत्नी, बेटी, दामाद, पोती और पोते की हत्या हो गई. खामेनेई के बेटे मोजतबा उस वक्त आवास में नहीं थे. वे जिंदा बच गए. अब उन्हें सुप्रीम लीडर बनाने की तैयारी हो रही है.
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