International Criminal Court:अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (ICC) के सदस्य देशों ने एक गुप्त मतदान के जरिए कोर्ट के मुख्य अभियोजक (चीफ प्रॉसिक्यूटर) करीम खान को उनके पद से बर्खास्त कर दिया है. न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में बंद कमरे में हुई एक अहम बैठक के दौरान यह मतदान हुआ. ICC के कुल 125 सदस्य देशों में से 82 देशों ने करीम खान को उनके पद से हटाने के पक्ष में वोट दिया.
बता दें कि यह कार्रवाई एक पूर्व महिला सहकर्मी की तरफ से लगाए गए यौन दुर्व्यवहार और गंभीर कदाचार के आरोपों को सिद्ध मानते हुए की गई है.
वोटिंग के आंकड़े:
- पद से हटाने के पक्ष में: 82 देश
- खान के समर्थन में: 13 देश
- वोट से दूरी बनाई (Abstained): 15 देश
- वहीं, बाकी सदस्य देशों ने इस मतदान प्रक्रिया में हिस्सा नहीं लिया.
क्या हैं आरोप?
दरअसल, यह मामला मई 2025 का है, जब करीम खान की एक पूर्व सहयोगी ने उन पर यौन शोषण के गंभीर आरोप लगाए थे. आरोप लगाने वाली मलेशियाई मूल की वकील का सुरक्षा कारणों से ‘सारा’ नाम दिया गया है. पीड़िता ने आरोप लगाया था कि खान का व्यवहार समय के साथ बिगड़ता गया और बात शारीरिक हमले तक पहुंच गई.
पीड़ित महिला ने कहा कि “जब शक्ति और पद का इतना बड़ा अंतर हो, तो सहमति जैसा कुछ नहीं रह जाता. वह केवल मेरे बॉस नहीं थे, वह पूरी संस्था के सबसे बड़े अधिकारी थे.”आरोपों की जांच शुरू होते ही करीम खान को पिछले महीने उनके पद से निलंबित कर दिया गया था.
करीम खान क्या कहते हैं?
हालांकि करीम खान ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है. उनके वकील का कहना है कि वे इस फैसले की निष्पक्षता और वैधता को चुनौती देने के लिए सभी उपलब्ध कानूनी रास्तों का इस्तेमाल करेंगे. वहीं, दूसरी ओर, द हेग स्थित अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय ने सदस्य देशों के इस फैसले को स्वीकार करते हुए इस पर अपनी सहमति जताई है. इसी बीच असेंबली ऑफ स्टेट्स पार्टीज की अध्यक्ष पैवी कौकोरंता ने कहा कि सदस्य देशों ने अदालत की गरिमा और निष्पक्षता को बनाए रखने के लिए एकजुटता दिखाई है. इस दौरान उन्होंने भरोसा जताया कि इस फैसले से अंतरराष्ट्रीय समुदाय और गंभीर अपराधों के पीड़ितों के न्याय के लिए ICC का काम निर्बाध रूप से जारी रहेगा.