खामेनेई के खात्मे की तैयारी…, ट्रंप की टेबल पर पहुंचा ईरान पर अटैक का प्लान

Iran-America : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान को न्यूक्लियर एनरिचमेंट जारी रखने की अनुमति दे सकते हैं, ऐसे में तेहरान ने भी यह संकेत दिया है कि वह परमाणु बम बनाने की दिशा में कोई भी संभावित रास्ता नहीं छोड़ेगा. मीडिया रिपोर्ट का कहना है कि अगर ईरान अमेरिका की मांगों को नहीं मानता तो ट्रंप प्रशासन के पास कठोर सैन्य विकल्प भी तैयार हैं.

यह रिपोर्ट ऐसे समय में आई है जब अमेरिका मध्य पूर्व में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ा रहा है. जानकारी के मुताबिक, दोनों देशों के बीच कूटनीतिक समझौते की संभावनाएं कम होती जा रही हैं और तनाव तेजी से बढ़ रहा है. इस मामले को लेकर अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि ईरान को ऐसा प्रस्ताव देना होगा, जो ट्रंप प्रशासन और क्षेत्रीय सहयोगियों को यह भरोसा दिला सके कि वह परमाणु हथियार कार्यक्रम पूरी तरह छोड़ने को तैयार है.

ईरान सैन्य कार्रवाई से बचना चाहता है- अमेरिका

इसे लेकर एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी का कहना है कि ईरान सैन्य कार्रवाई से बचना चाहता है तो वह कोई ऐसा प्रस्ताव दे, जिसे अमेरिका ठुकरा न सके. इसके साथ ही रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया कि पेंटागन ने संभावित कार्रवाई के कई विकल्प तैयार किए हैं, जिनमें ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई, उनके संभावित उत्तराधिकारी मोजतबा खामेनेई और धार्मिक नेतृत्व को निशाना बनाने जैसे विकल्प भी शामिल हैं. फिलहाल अंतिम फैसला ट्रंप के हाथ में है और अभी तक उन्‍होंने कोई स्पष्ट फैसला नहीं लिया है.

दोनों देशों के बीच ठप हुई वार्ता

प्राप्‍त जानकारी के अनुसार दोनों देशों के बीच वार्ता लगभग ठप हो चुकी है. ऐसे में हालात को देखते हुए क्षेत्रीय सूत्रों का कहना है कि खाड़ी देशों और इजरायल को अब सैन्य टकराव की आशंका ज्यादा दिख रही है. बता दें कि 2003 के बाद अमेरिका ने इराक युद्ध के बाद से अब तक की सबसे बड़ी सैन्य तैनाती मध्य पूर्व में की है. साथ ही इजरायल भी संभावित संयुक्त सैन्य कार्रवाई की तैयारी कर रहा है.

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा

इस मामले को लेकर ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि दोनों पक्ष कई मुद्दों पर सहमत हुए हैं, लेकिन अभी कुछ स्‍पष्‍ट नहीं हुआ है. आने वाले समय में ईरान एक लिखित प्रस्ताव पेश कर सकता है. इतना ही नही बल्कि अराघची ने स्‍पष्‍ट करते हुए कहा कि बातचीत का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि ईरान का परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण रहे. उन्होंने ये भी कहा कि ईरान भरोसा बहाल करने के लिए राजनीतिक और तकनीकी उपायों पर सहमत हो सकता है, बशर्ते अमेरिका प्रतिबंधों में राहत दे.

हमले को लेकर दोनों पक्षों की शर्तें

ऐसे में अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि ईरान का कोई भी प्रस्ताव बेहद विस्तृत और स्पष्ट होना चाहिए. इसके साथ ही उसे यह साबित करना होगा कि उसका परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण है. प्राप्‍त जानकारी के अनुसार सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले और घरेलू राजनीतिक दबावों के बीच ट्रंप एक ऐसा समझौता चाहते हैं जिसे वे अमेरिकी जनता के सामने राजनीतिक रूप से मजबूत तरीके से पेश कर सकें.

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