US-Israel Iran Attack: अमेरिका ने जंग के चौथे दिन ईरान पर बड़ा हमला किया. ईरान के दो अहम नौसैनिक अड्डों बंदर अब्बास और कोनार्क तबाह कर दिया. सैटेलाइट इमेज में बंदर अब्बास बेस पर तैनात IRINS Makran में आग और भारी नुकसान दिखाई दे रहा है. यह जहाज पहले एक ऑयल टैंकर था, जिसे फॉरवर्ड बेस शिप में बदला गया था. 2021 से ईरानी नौसेना की लंबी दूरी की तैनाती में अहम भूमिका निभा रहा था.
10 ईरानी जहाजों को खत्म करने की बात
बंदर अब्बास और कोनार्क पर हमला सिर्फ सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि रणनीतिक संदेश भी माना जा रहा है. उधर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान की नौसेना फोर्स को खत्म करना ही अमेरिकी अधिकारियों का मुख्य मकसद है. अमेरिका ने अभी तक 10 ईरानी जहाजों को खत्म करने की बात कही है. हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर दबाव बढ़ने से वैश्विक तेल सप्लाई प्रभावित हो सकती है.
जलडमरूमध्य को बंद करने की कोशिश
यदि ईरान जवाबी कार्रवाई में जलडमरूमध्य को बंद करने की कोशिश करता है तो यह अंतरराष्ट्रीय संकट बन सकता है. बंदर अब्बास ईरानी नौसेना का मुख्य मुख्यालय है. यहां से Strait of Hormuz पर निगरानी रखी जाती है. हॉर्मुज जलडमरूमध्य से दुनिया के तेल व्यापार का बड़ा हिस्सा गुजरता है. सैटेलाइट तस्वीरों में फ्लोटिंग डॉक को भारी नुकसान दिखाई दे रहा है. पेट्रोल बोट क्षतिग्रस्त और कुछ इमारतें ध्वस्त दिख रही हैं.
पनडुब्बी को नुकसान के स्पष्ट संकेत नहीं
2 मार्च और पहले की तस्वीरों की तुलना से संकेत मिलता है कि एक या दो फ्रिगेट साइज के वॉरशिप भी निशाने पर आए. हालांकि पोर्ट में मौजूद किलो-क्लास पनडुब्बी और छोटी पनडुब्बी को नुकसान के स्पष्ट संकेत नहीं मिले हैं. ईरान के दक्षिण-पूर्व में स्थित Konarak Port पर भी हमले की पुष्टि हुई है. यह पोर्ट ओमान की खाड़ी के पास चाबहार बंदरगाह के नजदीक स्थित है. रिपोर्ट्स के मुताबिक यहां एक Moudge-class frigate (जिसे कभी-कभी जमरान क्लास भी कहा जाता है) को भारी नुकसान पहुंचा है. कुछ छोटी नावें और जहाज पहले ही पोर्ट से हटाए गए थे संभवतः हमलों की शुरुआत के बाद.
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