Tehran: दक्षिणी ईरान में गुरुवार को आए जोरदार भूकंप से दहशत फैल गई. 5.5 तीव्रता से जोरदार झटके महसूस किए गए. जर्मनी के भूविज्ञान अनुसंधान केंद्र (GFZ) के अनुसार इस भूकंप का केंद्र जमीन से केवल 10 किलोमीटर की गहराई में था. भूकंप वैज्ञानिकों का मानना है कि इतनी कम गहराई पर आने वाले झटके अक्सर किसी बड़े विस्फोट का परिणाम भी हो सकते हैं.
प्राकृतिक आपदा है या परमाणु परीक्षण
मध्य पूर्व में जारी भारी तनाव के बीच ईरान से आई भूकंप की खबर ने पूरी दुनिया को चौकन्ना कर दिया है. टाइमिंग और हालात को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय गलियारों में यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या यह महज एक प्राकृतिक आपदा है या ईरान ने गुपचुप तरीके से परमाणु परीक्षण किया है. हालांकि अभी तक किसी भी आधिकारिक एजेंसी ने परमाणु परीक्षण की पुष्टि नहीं की है.
ईरान ने दी थी US को खुली चेतावनी
यह भूकंप ऐसे समय में आया है जब ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध की तलवार लटक रही है. अमेरिका ने अरब सागर में अपने दो घातक युद्धपोत तैनात कर रखे हैं. जवाब में ईरान ने खुली चेतावनी दी थी कि अगर हमला हुआ तो वह अमेरिका के जंगी जहाजों को समुद्र की गहराइयों में दफन कर देगा. विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका को बैकफुट पर धकेलने के लिए ईरान इस तरह का परीक्षण कर सकता है.
अगले कुछ घंटों तक सतर्क रहने की सलाह
भूकंप का असर काफी बड़े इलाके में महसूस किया गया, जिससे लोगों में भारी दहशत फैल गई. ईरानी सरकार ने आपदा राहत टीमों (Disaster Response Teams) को तुरंत फील्ड में उतार दिया है. लोगों को अगले कुछ घंटों तक सतर्क रहने की सलाह दी गई है. ईरानी विशेषज्ञों का तर्क है कि दक्षिण ईरान टेक्टोनिक प्लेट्स के मिलन स्थल पर है, इसलिए यहां भूकंप आना एक सामान्य प्राकृतिक घटना भी हो सकती है.
भूकंपीय तरंगों के पैटर्न का विश्लेषण
GFZ समेत कई अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां भूकंपीय तरंगों के पैटर्न का विश्लेषण कर रही हैं. यदि यह परमाणु परीक्षण साबित होता है तो यह वैश्विक सुरक्षा और 2015 के परमाणु समझौते की कोशिशों के लिए एक बड़ा झटका होगा.
इसे भी पढ़ें. AI Impact Summit 2026: पीएम मोदी बोले- एआई में भारत देख रहा है अवसर और भविष्य की रूपरेखा

