Lucknow: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और युद्ध के बीच बहरीन में फंसे अपने बेटे की सलामती को लेकर भारतीय परिवार चिंतित है. उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले के कर्वी क्षेत्र का रहने वाला सरवर करीब दो साल पहले रोजगार की तलाश में बहरीन गया था. वहां वह एक बेकरी में काम करके अपने परिवार का सहारा बना था, लेकिन मध्य पूर्व में अचानक बढ़े तनाव और युद्ध जैसे हालातों की खबर के बाद परिवार की चिंता काफी बढ़ गई है.
हर कॉल में डर और अनिश्चितता का माहौल
सरवर के परिवारवालों का कहना है कि पहले वह रोजाना सामान्य तरीके से फोन और वीडियो कॉल पर बातचीत करते थे, लेकिन जब से युद्ध की खबरें सामने आई हैं, तब से हर कॉल में डर और अनिश्चितता का माहौल महसूस होता है. इस पूरे मामले में बहरीन में ही रह रहे सरवर के भाई अपसर ने बताया कि उनके बड़े भाई करीब दो साल पहले काम के सिलसिले में बहरीन गए थे.
इलाके में बढ़ गया तनाव काफी
वहां वह एक बेकरी में काम करते थे और सब कुछ सामान्य चल रहा था. परिवार से रोजाना वीडियो कॉल पर बातचीत होती थी, लेकिन कुछ दिन पहले बातचीत के दौरान उनके भाई ने बताया कि इलाके में तनाव काफी बढ़ गया है और आसमान में मिसाइलें निकलने की घटनाएं भी देखी जा रही हैं.
सुरक्षा कारणों से दूसरी जगह शिफ्ट
अपसर ने बताया कि उनके भाई जहां पहले काम करते थे, उस जगह से करीब एक किलोमीटर के दायरे में मिसाइल निकल रही थी. इसके बाद सुरक्षा कारणों से उन्हें दूसरी जगह शिफ्ट कर दिया गया है. फिलहाल, वह जिस स्थान पर हैं, वहां खुद को सुरक्षित बता रहे हैं. फिर भी परिवार की चिंता कम नहीं हो पा रही है.
कई उड़ानों पर भी असर
परिजनों का कहना है कि युद्ध के हालातों के कारण कई जगहों पर उड़ानों पर भी असर पड़ा है और विमान सेवाएं बंद कर दी गई हैं. ऐसे में भारत लौटना भी फिलहाल आसान नहीं दिख रहा है. यही वजह है कि हम लोग लगातार फोन के जरिए संपर्क बनाए हुए हैं और उनके सुरक्षित होने की खबर मिलने पर ही थोड़ी राहत महसूस कर पा रहे हैं.
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