US-Iran Deal: स्विट्जरलैंड में शुक्रवार को सार्वजनिक तौर पर अमेरिका से समझौते से पहले ही ईरान ने अपना दौरा रद्द कर दिया. कूटनीतिक कार्यक्रम बदलने का असर पाकिस्तान पर भी पड़ा. प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने स्विट्जरलैंड का अपना प्रस्तावित दौरा रद्द कर दिया. ईरान के कट्टरपंथी गुटों ने साफ कह दिया था कि अमेरिकी अधिकारियों के साथ एक मंच पर रहना या कैमरों के सामने हाथ मिलाना देश में बड़ा राजनीतिक तूफान खड़ा कर सकता है.
ईरानी नेता स्विट्जरलैंड जाएगा
इसी वजह से अब न कोई बड़ा ईरानी नेता स्विट्जरलैंड जाएगा और न ही अमेरिका का कोई शीर्ष अधिकारी इस समारोह में शामिल होगा. यह समारोह ऐसे समय प्रस्तावित था, जब कुछ ही दिनों बाद ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अली खामेनेई का अंतिम संस्कार होना है. ऐसे माहौल में अगर ईरानी नेता अमेरिकी अधिकारियों के साथ मुस्कुराते या हाथ मिलाते दिखाई देते, तो इसे देश में मारे गए लोगों के साथ विश्वासघात माना जा सकता था. ईरानी बदला चाहते हैं. ऐसे में सार्वजनिक मेल-मिलाप की तस्वीरें सरकार के लिए भारी पड़ सकती थीं.
शांति प्रक्रिया नहीं रुकी
सार्वजनिक समारोह भले रद्द हो गया हो, लेकिन शांति प्रक्रिया नहीं रुकी है. अमेरिका, ईरान, कतर और पाकिस्तान की टीमें पहले से ही स्विट्जरलैंड के बर्गेनस्टॉक और ज्यूरिख में मौजूद हैं. अगले 60 दिनों तक कई दौर की टेक्निकल बातचीत होगी. इनमें समझौते की उन शर्तों पर काम किया जाएगा, जो शुरुआती एमओयू में तय नहीं हो सकी थीं. इसी दौरान यह भी तय होगा कि समझौते को स्थायी रूप कैसे दिया जाए.
यात्रा की जरूरत नहीं रही
पाकिस्तानी अधिकारियों का कहना है कि समझौते पर हस्ताक्षर हो चुके हैं और अब मामला तकनीकी बातचीत के चरण में पहुंच गया है, इसलिए यात्रा की जरूरत नहीं रही. पाकिस्तान पहले ही दावा कर चुका है कि कतर के साथ उसने इस समझौते में मध्यस्थ की अहम भूमिका निभाई. इस्लामाबाद ने प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर की भूमिका को भी प्रमुखता से पेश किया है.
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